कोलकाता. मंगलवार से एसआइआर प्रकिया शुरू हो रही है. ऐसे में सोमवार को कलकत्ता हाइकोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की गयी. याचिका में अफगानिस्तान, पाकिस्तान और बांग्लादेश के उन नागरिकों या शरणार्थियों की रिहाई की मांग की गयी है, जो यहां जेलों में बंद हैं. याचिकाकर्ता गोपाल गोयली का दावा है कि केंद्र सरकार ने एक सितंबर, 2025 को एक अधिसूचना जारी कर कहा था कि इन तीन देशों के अल्पसंख्यकों के खिलाफ कोई आपराधिक कार्रवाई नहीं की जा सकती. बावजूद इसके अभी भी कई शरणार्थी राज्य की जेलों में बंद हैं. इसलिए उन्हें जल्द रिहा किया जाये. सोमवार को कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश सुजय पाल की खंडपीठ में यह याचिका दायर हुई. जज ने कहा कि मामला औपचारिक रूप से दायर होने के बाद ही सुनवाई की तिथि तय होगी. वहीं, मानवाधिकार कार्यकर्ताओं का कहना है कि जब केंद्र ने अधिसूचना जारी कर दी, तो उन्हें जेल में रखने का कोई नैतिक या कानूनी आधार नहीं है.
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