सश्रम कारावास में मिले पैसे मृत कैदी की पत्नी को देने का आदेश

वह दमदम सुधार गृह में कैद था, जहां लंबे समय तक काम करने पर उसे पारिश्रमिक मिलता रहा.

कोलकाता. हत्या के दोषी लाल्टू घोष की जेल में हुई आमदनी अब उसकी पत्नी को मिलेगी. कलकत्ता उच्च न्यायालय ने मंगलवार को जेल अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे निश्चित समय सीमा के भीतर मृत कैदी की पत्नी मथुरा घोष को यह राशि सौंपें. लाल्टू घोष को 1982 में नदिया में दर्ज हत्या मामले में 2010 में अदालत ने आजीवन सश्रम कारावास की सजा सुनाई थी. वह दमदम सुधार गृह में कैद था, जहां लंबे समय तक काम करने पर उसे पारिश्रमिक मिलता रहा. 2023 में पैरोल पर घर लौटने के बाद जेल वापसी के अगले दिन ही लाल्टू घोष की मृत्यु हो गयी. इसके बाद पत्नी ने अदालत में याचिका दायर कर पति की जेल के दौरान की कमाई का दावा किया. सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति अमृता सिन्हा ने पूछा कि कैदी ने कितनी कमाई की. इस पर याचिकाकर्ता के वकील ने कहा कि सटीक राशि जेल अधिकारी बता सकते हैं, यह रकम आठ से दस लाख रुपये तक हो सकती है. अदालत ने स्पष्ट किया कि मथुरा घोष को जेल अधिकारियों के समक्ष औपचारिक आवेदन करना होगा, जिसके बाद भुगतान की प्रक्रिया पूरी की जायेगी.

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Author: GANESH MAHTO

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