मालदा ः कटाव क्षेत्र का दौरा करने गये भाजपा सांसद को घेर कर किया प्रदर्शन

मालदा उत्तर क्षेत्र से भाजपा सांसद खगेन मुर्मू को रतुआ में कटाव क्षेत्र का दौरा करते समय लोगों के गुस्से का सामना करना पड़ा.

खगेन मुर्मू ने समस्या का समाधान नहीं होने के लिए राज्य सरकार को ठहराया जिम्मेदार

संवाददाता, कोलकाता

मालदा उत्तर क्षेत्र से भाजपा सांसद खगेन मुर्मू को रतुआ में कटाव क्षेत्र का दौरा करते समय लोगों के गुस्से का सामना करना पड़ा. स्थानीय लोगों ने सांसद को देखते ही घेर लिया. इसके बाद विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया. उन्होंने सांसद के सामने अपनी शिकायतें रखीं. उन्होंने कटाव के स्थायी समाधान की मांग की. जब स्थानीय लोगों ने कटाव का मुद्दा उठाया, तो भाजपा सांसद ने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि केंद्रीय निधि इसलिए अटकी हुई है, क्योंकि राज्य सरकार ने केंद्र के लिए डीपीआर तैयार नहीं की है. रविवार को भाजपा सांसद रतुआ ब्लॉक एक में कटाव का निरीक्षण करने गये थे. इस ब्लॉक के महानंदटोला और बिलाईमारी इलाके के कई गांव वर्षों से कटाव की समस्या से ग्रस्त हैं. वहां से होकर बहने वालीं गंगा-फुलहर और कोशी नदियां धीरे-धीरे अपना रास्ता बदल रही हैं और इससे गांव के लोगों की परेशानी बढ़ गयी है.

लोगों का कहना है कि कटाव रोकने के लिए अस्थायी उपाय किये जाते हैं. कभी स्थानीय लोगों को राहत शिविरों में भेजा जाता है. लेकिन कटाव की समस्या का कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला जा रहा है. इस साल भी यही स्थिति है. बिलमारी क्षेत्र के पश्चिमी रतनपुर और महानंदटोला क्षेत्र के कंटूटोला, श्रीकांतटोला, मुलिरामटोला, जीतूटोला में व्यापक कटाव शुरू हो गया है. कई लोग दहशत में अपने गांव छोड़ चुके हैं.

दौरे पर गये सांसद के खिलाफ लोगों ने नारे लगाये. लोगों ने कहा : आप समस्या का समाधान नहीं कर पा रहे हैं, पद पर क्यों हैं? आते ही नहीं. हालांकि सांसद ने दावा किया कि यह गुस्सा सामान्य था. उनके शब्दों में : गुस्सा दिखाना सामान्य है. यह लंबे समय से चली आ रही समस्या है. पहले यह 10 किलोमीटर दूर थी. लेकिन आज यह महानंदटोला गांव में घुस आयी है. जब मैं जिला परिषद का सदस्य था, तब यहां आया था. जब से मैं सांसद बना हूं. मैं बार-बार कह रहा हूं कि जो कदम उठाये जाने चाहिए, वे नहीं उठाये जा रहे हैं. मैंने केंद्र से भी अपील की है.

इसके बाद उन्होंने राज्य सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा : जब तक राज्य डीपीआर तैयार नहीं करता, जब तक कटाव रोकने के लिए केंद्र को प्रस्ताव नहीं दिया जाता, तब तक केंद्रीय कोष से कोई अनुदान नहीं दिया जायेगा. मैंने मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है और सिंचाई मंत्री को भी सूचित किया है. लेकिन मुझे उनकी ओर से कोई जवाब नहीं मिला है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Akhilesh kumar singh

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
और पढ़ें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >