संवाददाता, कोलकाता
पश्चिम बंगाल में एसआइआर के तहत जारी ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में चौंकाने वाली विसंगतियां सामने आ रही हैं. दक्षिण 24 परगना के काकद्वीप ब्लॉक में एक मामले में मां और बेटी की उम्र का अंतर महज सात साल दर्ज पाया गया, जबकि एक अन्य मामले में पिता और बेटे की उम्र में सिर्फ 17 साल का फासला दिखाया गया है. इन गड़बड़ियों के बाद प्रशासन ने कई नामों को संदिग्ध के रूप में चिह्नित किया है. ब्लॉक प्रशासन के अनुसार, एन्यूमरेशन फॉर्म की जांच के दौरान बीएलओ को उम्र से जुड़ी गंभीर अनियमितताएं मिलीं. काकद्वीप के सूर्यनगर ग्राम पंचायत के बूथ नंबर 30 की निवासी सुजाता रानी घोष के मामले में ड्राफ्ट सूची में उनकी उम्र 42 वर्ष और उनकी मां परमा घोष की उम्र 49 वर्ष दर्ज है. वर्ष 2002 की वोटर लिस्ट में परमा घोष की उम्र 26 वर्ष दर्ज थी. इस विसंगति के चलते सुजाता रानी घोष का नाम ड्राफ्ट सूची से हट गया है. उन्हें आवश्यक दस्तावेजों के साथ फॉर्म-छह भरकर नाम पुनः जोड़ने के लिए आवेदन करने को कहा गया है. इसी तरह, विवेकानंद ग्राम पंचायत के बूथ नंबर 143 में सुजीत हालदार (39) और उनके बेटे सुदीप्त हालदार (22) की उम्र का अंतर 17 साल दर्ज पाया गया. दोनों के नाम ड्राफ्ट सूची में होने के बावजूद उन्हें संदिग्ध चिह्नित किया गया है. ब्लॉक प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शिकायतों के आधार पर संबंधित लोगों को हियरिंग के लिए बुलाया जायेगा और दस्तावेजों की जांच के बाद नियमों के अनुसार कार्रवाई होगी. इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गयी है. तृणमूल कांग्रेस ने वैध मतदाताओं के नाम हटने पर विरोध की चेतावनी दी है, जबकि भाजपा ने कहा है कि फर्जी और अवैध मतदाताओं के नाम हटाने के लिए ही एसआइआर की प्रक्रिया चल रही है.
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