एक बार फिर हमले के शिकार हुए पुलिसकर्मी

बालू व मिट्टी माफियाओं ने पुलिस वालों को पीटा

कोलकाता. पश्चिम बंगाल के दो जिलों में पुलिस पर हमले की घटनाएं सामने आयीं हैं. बालू और मिट्टी की अवैध तस्करी रोकने गयी पुलिस ट��मों पर हमला किया गया. पहली घटना बांकुड़ा जिले के सोनामुखी में हुई, जहां बालू तस्करों ने पुलिस कैंप में घुसकर हमला कर दिया. दूसरी घटना मुर्शिदाबाद के रानीतला इलाके में हुई, जहां मिट्टी माफियाओं ने पुलिस अधिकारियों पर पत्थर और धारदार हथियारों से हमला किया. बुधवार रात बांकुड़ा जिले के सोनामुखी थाना क्षेत्र में पुलिस पर हमला हुआ. पुलिस के अनुसार, उत्तर बेशिया इलाके में नदी के किनारे से लंबे समय से बालू की अवैध तस्करी हो रही थी. इसे रोकने के लिए पुलिस ने एक कैंप स्थापित किया था. जब पुलिस और सिविक वॉलंटियर्स ने तस्करों को रोकने की कोशिश की, तो हमलावरों ने पुलिस कैंप पर हमला कर दिया. इस हमले में तीन पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें सोनामुखी ग्रामीण अस्पताल में भर्ती कराया गया. पुलिस ने इस मामले में सात आरोपितों को गिरफ्तार किया है. पकड़े गए लोगों में अजीत सरकार, किशोरी मल्लिक, रतन सरकार, दीपक मंडल, सीमांत विश्वास, राजेश डे और संजीव सिंह शामिल हैं. सभी आरोपित सोनामुखी थाना क्षेत्र के निवासी बताये जा रहे हैं. दूसरी घटना, बुधवार रात मुर्शिदाबाद जिले के रानीतला थाना क्षेत्र के सरलपुर में हुई. यहां पुलिस को सूचना मिली थी कि भैरव नदी के किनारे से अवैध रूप से मिट्टी काटी जा रही है. जब पुलिस मौके पर पहुंची, तो मिट्टी माफियाओं ने पुलिस टीम पर पथराव कर दिया और धारदार हथियारों से हमला कर दिया. इस हमले में एक पुलिस अधिकारी और एक सिविक वॉलंटियर घायल हो गए. हमलावर मौके से फरार हो गए, लेकिन पुलिस ने तस्करी में इस्तेमाल हो रही एक जेसीबी मशीन जब्त कर ली. स्थानीय भूमि विभाग ने इस घटना को लेकर रानीतला थाने में शिकायत दर्ज करायी है. पुलिस ने स्वत: संज्ञान लेते हुए मामला दर्ज कर लिया है और फरार आरोपितों की तलाश जारी है.

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Published by: Ganesh mahto

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