प्रतिनिधि, बारासात.
गोबरडांगा थाना क्षेत्र में 25 लाख रुपये दूसरे खाते में भेजने गयी एक वृद्ध महिला बैंक कर्मचारियों की तत्परता से साइबर ठगी का शिकार होने से बच गयी. पुलिस के अनुसार, महिला का नाम भारती नंदी है. 72 वर्षीय महिला गोबरडांगा थाने के खटुरा इलाके में गोबरडांगा स्थित बैंक की एक शाखा में गयी थी. वह बैंक जाकर 25 लाख रुपये निकालकर दूसरे खाते में भेजना चाहती थी. इसी बात पर बैंक कर्मचारी को शक हुआ, क्योंकि कुछ दिनों पहले गोबरडांगा थाने की ओर से बैंक मैनेजर और कर्मचारियों के साथ एक बैठक की गयी थी, जिसमें वहां उन्होंने पैसे के लेन-देन समेत ऐसी किसी भी परिस्थिति पर शक होने पर पुलिस को सूचित करने को कहा था. इस पर पुलिस को सूचित किया गया. फिर वृद्ध महिला को एक बड़ी धोखाधड़ी से बचा लिया. पुलिस का कहना है कि ऐसे फोन कॉल्स से बचना ही बेहतर है. बताया जाता है कि गत 13 अक्तूबर को वृद्ध महिला को एक अनजान नंबर से कॉल आया था. उस नंबर से फोन करनेवाले ने खुद को दिल्ली साइबर पुलिस का अधिकारी बताकर वृद्ध महिला को बताया कि उसके नाम पर एक सिम कार्ड है, जो अवैध गतिविधियों में संलिप्त है. फिर उसे गिरफ्तार करने की धमकी दी गयी. गिरफ्तारी से बचने के लिए वह वादे के मुताबिक 25 लाख रुपये देने को तैयार हो गयी.
वृद्ध महिला इसके पैसे निकालने बैंक गयी थी और फिर वह उस पैसे को दूसरे खाते में ट्रांसफर करने वाली थी, लेकिन इसी बात पर बैंक कर्मचारियों को शक हुआ. उसने इसकी सूचना साइबर थाने को दी. इसी के तहत वृद्धा साइबर ठगी का शिकार होते होते बच गयी. गोबरडांगा थाने की पुलिस ने घटना की जांच शुरू कर दी है. हालांकि बताया जा रहा है कि महिला करीब दो लाख रुपये भेज चुकी थी.
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