एनआरएस अस्पताल में नर्स की मौत : पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की अलग-अलग टीमें कर रही जांच, मंत्री ने 7 दिन में मांगी रिपोर्ट

NRS Hospital Nurse Death Latest Update: कोलकाता के एनआरएस अस्पताल में ऑन-ड्यूटी नर्स की मौत की स्वास्थ्य विभाग और पुलिस ने अलग-अलग जांच शुरू कर दी है. शव के पास दवाइयों की शीशियां मिलीं थीं.

NRS Hospital Nurse Death Kolkata: कोलकाता के सरकार अस्पताल नीलरतन सरकार (NRS) मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पिटल में एक नर्स का शव मिलने से हड़कंप मच गया है. पुलिस और स्वास्थ्य विभाग दोनों ने इस मामले की उच्चस्तरीय जांच शुरू कर दी है. पुलिस ने बताया है कि 30 साल की नर्स रूपाली दास बुधवार रात करीब 8 बजे अस्पताल के स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग की हाई-डिपेंडेंसी यूनिट (HDU)/विशेष निगरानी इकाई में अपनी शिफ्ट के लिए पहुंची थी.

शौचालय में मृत मिली रूपाली दास

पुलिस के मुताबिक, रात करीब 10:30 बजे वह प्रसवपूर्व (Ante-natal) वार्ड के स्टाफ शौचालय में गयी थी. काफी देर तक वापस न आने पर सहकर्मियों ने दरवाजा खटखटाया. अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली, तो दरवाजा तोड़ा गया. अंदर जाने पर देखा कि नर्स फर्श पर अचेत अवस्था में पड़ी है. तत्काल डॉक्टरों को बुलाया गया. डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया.

शव के पास मिलीं दवा की शीशियां, एनेस्थीसिया के ओवरडोज का संदेह

घटना की सूचना मिलते ही एंटाली थाना पुलिस और कोलकाता पुलिस के डिटेक्टिव डिपार्टमेंट (DD) की टीम मौके पर पहुंची. प्रारंभिक जांच में नर्स के शरीर पर चोट के कोई निशान नहीं मिले हैं. न ही उसके आसपास कोई सुसाइडल नोट बरामद हुआ है. शव के पास दवा की कई शीशियां थीं. पुलिस को संदेह है कि सिरिंज के जरिये एनेस्थेटिक (Anesthetic) दवा का अत्यधिक डोज लेने के कारण नर्स की मौत हुई होगी.

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डिप्रेशन और मानसिक तनाव की भी हो रही जांच

जांच अधिकारी पता कर रहे हैं कि क्या वह ड्यूटी के दौरान उन शीशियों को अपने साथ शौचालय ले गयीं थीं. डिप्रेशन या किसी अन्य मानसिक तनाव के कोण से भी मामले की जांच की जा रही है.

स्वास्थ्य मंत्री अस्पताल पहुंचे, 7 दिन में मांगी रिपोर्ट

राज्य के स्वास्थ्य मंत्री डॉ शारद्वत मुखर्जी ने बृहस्पतिवार सुबह अस्पताल का दौरा किया. उन्होंने मृतक नर्स की ऑन-ड्यूटी सहकर्मियों से जानकारी ली. स्वास्थ्य विभाग ने मामले की तहकीकात के लिए एक विशेष जांच समिति का गठन किया है, जिसे 7 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिये गये हैं.

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By मिथिलेश झा

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