पांच करोड़ की लागत से हावड़ा में बनेंगे नौ पंपिंग स्टेशन

बारिश में हर साल होने वाले जल-जमाव की पुरानी समस्या से हावड़ा शहर को मुक्ति दिलाने के लिए हावड़ा नगर निगम ने एक बड़ी पहल की है.

जलजमाव की समस्या से मुक्ति दिलाने के लिए नगर निगम की पहल कुंदन झा, हावड़ा बारिश में हर साल होने वाले जल-जमाव की पुरानी समस्या से हावड़ा शहर को मुक्ति दिलाने के लिए हावड़ा नगर निगम ने एक बड़ी पहल की है. निगम पांच करोड़ रुपये की लागत से शहर के विभिन्न हिस्सों में कुल नौ नये पंपिंग स्टेशनों का निर्माण करवा रहा है. इनमें से चार स्टेशनों पर काम शुरू हो चुका है. निगम का दावा है कि इन पंपिंग स्टेशनों के बन जाने से 250 सेंटीमीटर तक की बारिश होने पर भी जमा पानी ढाई घंटे के भीतर निकल जायेगा. प्रत्येक पंपिंग स्टेशन की पाइपलाइन ड्रेनेज कैनाल से होते हुए नाजिरगंज के रास्ते सीधे हुगली नदी में जायेगी, जिससे पानी की निकासी तेजी से होगी. निगम के प्रशासनिक बोर्ड के चेयरमैन डॉ सुजय चक्रवर्ती ने बताया कि हावड़ा शहर की भौगोलिक स्थिति जल-जमाव का एक प्रमुख कारण है. उन्होंने स्पष्ट किया कि जहां कोलकाता शहर हुगली नदी के ढलान पर स्थित है, वहीं हावड़ा इसके विपरीत है. इसी भौगोलिक चुनौती को देखते हुए पंपिंग स्टेशन बनाने का निर्णय लिया गया है. तृणमूल नेता मसूद आलम खान ने नये पंपिंग स्टेशनों के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि एडेड वार्डों में बारिश के दौरान स्थिति बेहद गंभीर हो जाती है. उन्होंने बताया कि पिछले साल मॉनसून में सात से आठ दिनों तक जल-जमाव से लोग परेशान थे. उनके अनुसार, नये पंपिंग स्टेशन बनने से पानी तीन से चार घंटे में निकल जायेगा और लोगों के घरों में पानी नहीं घुसेगा. आंदुल के बकुलतला स्थित लाइसियम इंग्लिश मीडियम स्कूल के चेयरमैन असित राय ने भी इस पहल का स्वागत किया. उन्होंने बताया कि जल-जमाव के कारण बच्चों को स्कूल आने में परेशानी होती है और पिछले साल तो 10वीं और 12वीं की परीक्षाएं भी स्थगित करनी पड़ी थीं. उन्हें उम्मीद है कि नये पंपिंग स्टेशन से यह समस्या खत्म हो जायेगी. विपक्ष ने उठाये सवाल

प्रदेश भाजपा नेता उमेश राय ने निगम की योजना पर सवाल उठाये हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि नालों की सफाई ठीक से नहीं होती और शहर की मुख्य सड़कों के पास नालों पर अवैध दुकानें बना ली गयी हैं. राय ने कहा कि निगम के पास कोई ठोस योजना नहीं है और सिर्फ खानापूर्ति की जा रही है. उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि यदि पंपिंग स्टेशन समस्या का समाधान हैं, तो यह फैसला पहले क्यों नहीं लिया गया.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >