बंगाल में बनेगी नयी औद्योगिक नीति, बदलेंगे भूमि बंदोबस्ती के नियम

राज्य सरकार अगले महीने नई औद्योगिक नीति लाने की तैयारी में है. इसमें उद्योगों के लिए भूमि उपयोग परिवर्तन नियमों में राहत दी जा सकती है, खासकर औद्योगिक इकाइयों की स्थापना के लिए खरीदी गई जमीन पर. यह कदम निवेश को बढ़ावा देने और रोजगार सृजन पर केंद्रित है.

कोलकाता से अमर शक्ति प्रसाद की रिपोर्ट

राज्य सरकार अगले महीने के मध्य तक नयी औद्योगिक नीति जारी करने की तैयारी में है. नयी नीति में उद्योगों के लिए भूमि उपयोग परिवर्तन से जुड़े मौजूदा नियमों में कुछ चुनिंदा राहत देने का प्रस्ताव हो सकता है. यह राहत केवल उन जमीनों के लिए लागू होगी, जिन्हें औद्योगिक इकाई स्थापित करने के उद्देश्य से खरीदा गया है. नबान्न के सूत्रों के मुताबिक, प्रस्तावित बदलाव लागू होने के बाद उद्योग लगाने के लिए कानूनी रूप से खरीदी गयी जमीन के इस्तेमाल को लेकर निवेशकों और औद्योगिक इकाइयों को मौजूदा कानूनी अड़चनों से काफी हद तक राहत मिल सकती है.

कम होगी कई कानूनी जटिलताएं

राज्य सरकार के एक अधिकारी ने बताया कि कई बार किसी औद्योगिक परियोजना के लिए एक साथ बड़ी मात्रा में जमीन खरीदी जाती है. बाद में पता चलता है कि उस जमीन के एक हिस्से में जलाशय या जल निकाय मौजूद हैं. ऐसे जल निकायों का औद्योगिक इस्तेमाल करने के लिए वर्तमान व्यवस्था में लंबी कानूनी प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है. अधिकारी के अनुसार, नयी औद्योगिक नीति में यदि प्रस्तावित छूट शामिल की जाती है तो ऐसी जमीन के औद्योगिक इस्तेमाल से जुड़ी कई कानूनी जटिलताएं कम हो सकती हैं.

इस सुविधा से बाहर रहेगा रियल एस्टेट सेक्टर

यह राहत केवल विनिर्माण और सेवा क्षेत्र में औद्योगिक इकाइयों के लिए खरीदी गयी जमीन पर लागू करने का प्रस्ताव है. रियल एस्टेट क्षेत्र को इस सुविधा से बाहर रखा जा सकता है. हालांकि, आदिवासी जमीन को उद्योगों के लिए उपलब्ध कराने का मुद्दा अब भी राज्य सरकार के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है. सरकारी अधिकारी के मुताबिक, आदिवासी जमीन के हस्तांतरण से जुड़े कानून बेहद सख्त हैं. ऐसी जमीन को आदिवासियों के अलावा किसी अन्य समुदाय को हस्तांतरित नहीं किया जा सकता.

33 उद्योगपतियों को जमीन देगी सरकार

पश्चिम बंगाल में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार जल्द एक बिजनेस कॉन्क्लेव आयोजित करने की तैयारी में है. बताया गया है कि इस कार्यक्रम के दौरान 33 औद्योगिक इकाइयों को जमीन से जुड़े दस्तावेज सौंपे जायेंगे. इसका उद्देश्य राज्य में नये उद्योगों की स्थापना और रोजगार के अवसरों को बढ़ाना है. जानकारी के अनुसार, प्रस्तावित बिजनेस कॉन्क्लेव को बेहद संक्षिप्त और उद्देश्यपूर्ण रखा जायेगा, जो पहले ही तरह कई दिनों तक चलने वाले महंगे आयोजनों की तरह नहीं होगा, बल्कि सीमित समय में निवेश और उद्योग से जुड़े ठोस फैसलों पर फोकस किया जायेगा.

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पैदा होंगे करीब 68,584 रोजगार के अवसर

हालिया कैबिनेट फैसलों के अनुसार, 33 औद्योगिक इकाइयों को जमीन आवंटित करने की प्रक्रिया को मंजूरी दी गयी है. परियोजनाओं से कुल मिलाकर करीब 68,584 रोजगार के अवसर पैदा हो सकते हैं. राज्य सरकार का मानना है कि औद्योगिक विकास के लिए जमीन की उपलब्धता के साथ बेहतर संपर्क व्यवस्था भी जरूरी है. सरकार ने विभिन्न परियोजनाओं में जमीन से जुड़ी बाधाओं को दूर करने और रुकी हुई आधारभूत ढांचा परियोजनाओं को गति देने का दावा किया है. सरकार का मानना है कि बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर और कानून-व्यवस्था निवेशकों का भरोसा मजबूत करने में अहम भूमिका निभायेंगे.

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लेखक के बारे में

By आशीष झा

डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव. लगातार कुछ अलग और बेहतर करने के साथ हर दिन कुछ न कुछ सीखने की कोशिश. वर्तमान में बंगाल में कार्यरत. बंगाल की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को टटोलने के लिए प्रयासरत. देश-विदेश की घटनाओं और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स को सीखने की चाहत.

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