मुख्य बातें
Bose Joins TMC: कोलकाता: लगभग दस साल पहले भाजपा में शामिल हुए नेताजी के पोते चंद्र बोस टीएमसी में शामिल हो गये हैं. पश्चिम बंगाल में भाजपा की यह बड़ी क्षति के रूप में देखा जा रहा है. चंद्र दा भवानीपुर से तृणमूल सुप्रीमो ममता बनर्जी के खिलाफ चुनाव लड़ा था, लेकिन जीत हासिल नहीं कर सके. दस साल पहले भाजपा में सदस्य बने चंद्र कुमार बोस अब तृणमूल कांग्रेस का दामन थाम लिया है. उन्होंने तृणमूल कांग्रेस के सांसद कीर्ति आजाद और निवर्तमान राज्य मंत्री ब्रात्या बोस से तृणमूल का झंडा लिया.
भाजपा को बंगाल की परंपरा से कोई लेना-देना नहीं
तृणमूल में शामिल होने के अवसर पर मीडिया से बात करते हुए चंद्र बोस ने कहा- कुछ साल पहले भाजपा में शामिल होकर मैंने एक ऐतिहासिक गलती की थी. तृणमूल में शामिल होकर मैंने उस गलती को सुधारा, क्योंकि भाजपा का बंगाल के इतिहास, परंपरा और संस्कृति से कोई लेना-देना नहीं है. मैंने कोशिश की. नरेंद्र मोदी ने 2014 में सत्ता में आने पर भ्रष्टाचार के खिलाफ कुछ कदम उठाए थे. यह अच्छा था, लेकिन, 2016 में भाजपा में शामिल होने के बाद यह स्पष्ट हो गया कि वे भारत के संविधान का विरोध करते हैं.
भाजपा में रहकर नेताजी के आदर्शों पर चलना संभव नहीं
तृणमूल में शामिल होने का कारण बताते हुए उन्होंने कहा- भारत की परंपरा सभी धर्मों में सद्भाव बनाए रखना है. मेरी राजनीति मेरे दादा शरत चंद्र बोस और उनके छोटे भाई नेताजी सुभाष चंद्र बोस के आदर्शों पर आधारित है. भाजपा के भीतर रहकर नेताजी के आदर्शों पर काम करना संभव नहीं है. उन्होंने भाजपा पर विभाजनकारी राजनीति करने का आरोप लगाया. तृणमूल की प्रशंसा करते हुए उन्होंने कहा कि बंगाल में सांप्रदायिक राजनीति के खिलाफ लड़ाई में तृणमूल ने मिसाल कायम की है. नेताजी के पोते ने टिप्पणी की कि हमें विभाजनकारी राजनीति को रोकने के लिए लड़ना होगा.
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ममता का कोई विकल्प नहीं
इसी बीच, चंद्र बसु ने कहा कि तृणमूल सुप्रीमो ममता बनर्जी भवानीपुर से जीतेंगी. बोस ने कहा- मैं भवानीपुर से भाजपा का उम्मीदवार था. मैंने ममता बनर्जी के खिलाफ चुनाव लड़ा था. मैं जीत नहीं सका. मुझे पूरा विश्वास है कि भवानीपुर में ममता बनर्जी का कोई विकल्प नहीं है. ममता बनर्जी ही वहां जीतेंगी. चंद्र दा सितंबर 2023 में उन्होंने आधिकारिक तौर पर भाजपा से अलग होने की घोषणा कर दी. कुछ दिन पहले (27 मार्च) उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि भाजपा में शामिल होना उनकी ऐतिहासिक गलती थी.
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