मुख्य बातें
Bengal Election: कोलकाता. पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए पहले चरण का मतदान 10 दिन बाद होना है. SIR के तहत अब तक करीब 91 लाख नाम काटे जा चुके हैं. वोट देने से वंचित किये गये इन वोटरों को SIR ट्राइब्यूनल के समझ अपील दायर करनी है, लेकिन अब तक SIR ट्राइब्यूनल का गठन ही नहीं हुआ है. SIR ट्राइब्यूनल में अपील कब दायर होगी, सुनवाई कब होगी और फैसला कब होगा, यह सोच कर ही वोटर हताश और परेशान है.
SIR ट्राइब्यूनल का गठन अंतिम चरण में
चुनाव आयोग का कहना है कि दक्षिण 24 परगना के जोका में एसआइआर ट्राइब्यूनल जल्द काम शुरू करने जा रहा है, जहां हटाये गये नामों पर पुनर्विचार किया जायेगा. सूत्रों के अनुसार, ट्राइब्यूनल गठन अंतिम चरण में है और तीन-चार दिनों में काम शुरू हो सकता है. इसके लिए 19 न्यायिक अधिकारियों की नियुक्ति की गयी है. चुनाव आयोग ने आवश्यक बुनियादी ढांचा भी तैयार कर लिया है. हालांकि, सबसे बड़ा सवाल यह है कि अगर ट्राइब्यूनल किसी नाम को वैध घोषित करता है, तो क्या वह व्यक्ति इस चुनाव में वोट दे पायेगा. इस मुद्दे पर मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच चुका है.
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सुप्रीम कोर्ट पर सबकी नजर
सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की पीठ ने संकेत दिया है कि इस पर सोमवार को फैसला लिया जायेगा. अदालत ने मतदान के अधिकार को बेहद महत्वपूर्ण बताया है. फिलहाल, पूरे राज्य की नजर सुप्रीम कोर्ट के फैसले और ट्राइब्यूनल की कार्यवाही पर टिकी हुई है. सुप्रीम कोर्ट आज इस विषय पर व्यवस्था दे सकती है. अगर कोर्ट बंगाल में SIR ट्राइब्यूनल के फैसले के बाद वोटरों का नाम वोटर लिस्ट में शामिल करने को कहती है तो आयोग को नये सिरे से वोटर लिस्ट जारी करना होगा.
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