मुख्य बातें
Voter List in Bengal: कोलकाता/नई दिल्ली: तृणमूल कांग्रेस ने एसआईआर (SIR) सूची से लाखों लोगों के नाम हटाये जाने के मुद्दे पर दिल्ली में धरना देने की योजना बनाई थी. हालांकि, तृणमूल नेतृत्व ने फिलहाल इस योजना को स्थगित कर दिया है, क्योंकि उन्हें चुनाव आयोग से मिलने का समय मिल गया है. तृणमूल का चार सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल कल सुबह 10 बजे राष्ट्रीय चुनाव आयोग से मुलाकात करेगा. इस बीच, एसआईआर सूची को अंतिम रूप दे दिया गया है. अनुमान है कि लंबित 50 लाख नामों में से 27 लाख नाम हटा दिए गए हैं. इससे पहले लगभग 63 लाख नाम हटाए गए थे. इस बार 27 लाख.
समय नहीं मिलने पर था धरना देने का कार्यक्रम
जानकारी के अनुसार बुधवार दोपहर 3 बजे के बाद तृणमूल ने चुनाव आयोग से मिलने का समय मांगा था. आयोग से कोई जवाब न मिलने पर तृणमूल ने पहले राज्यसभा सांसद मेनका गुरुस्वामी और पूर्व तृणमूल सांसद साकेत गोखले को दिल्ली में धरने पर बैठाने की योजना बनाई थी, लेकिन फिर आयोग ने बताया कि बैठक का समय कल सुबह 10 बजे दिया गया है. इसलिए, तृणमूल का धरना कार्यक्रम फिलहाल स्थगित कर दिया गया है.
ये होंगे प्रतिनिधि मंडल में
तृणमूल कांग्रेस का प्रतिनिधिमंडल निर्वाचन आयोग से मुलाकात कर बंगाल में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) के कारण लोगों के ‘मतदान के अधिकार से वंचित’ होने का मुद्दा उठायेगा. यह जानकारी तृणमूल कांग्रेस ने मंगलवार को दी. तृणमूल के राज्यसभा सदस्य डेरेक ओ’ब्रायन ने कहा कि उन्होंने सोमवार को निर्वाचन आयोग को पत्र लिखकर मिलने का समय मांगा था और इसका जवाब मंगलवार को अपराह्न करीब तीन बजे आया. उन्होंने कहा कि उनके और सागरिका घोष के अलावा साकेत गोखले और मेनका गुरुस्वामी सहित चार सदस्यीय पार्टी प्रतिनिधिमंडल बुधवार सुबह निर्वाचन आयोग से मुलाकात करेगा.
मत देने के अधिकार से वंचित हो रहे लोग
मुख्य चुनाव आयुक्त (सीइसी) ज्ञानेश कुमार को निशाना बनाते हुए ओ’ब्रायन ने कहा,- बहुत हो गया आपका अहंकार. अब हमारी बात सुनिये. हम यहां सिर्फ तृणमूल कांग्रेस के बारे में बोलने नहीं आये हैं, हम यहां इसलिए हैं ताकि आप उन लोगों की आवाज सुनिये, जिन्हें आपने मताधिकार से वंचित किया है या जिन्हें आप मताधिकार से वंचित करने की कोशिश कर रहे हैं. तृणमूल की राज्यसभा उपनेता सागरिका घोष ने कहा कि निर्वाचन आयोग धौंस दिखाने की कोशिश कर रहा है, लेकिन असल में डरा हुआ है. उन्होंने कहा- लगभग 27 लाख लोग विवेचनाधीन सूची से बाहर कर दिये गये हैं.
अंतिम सूची अभी तैयार नहीं
बंगाल में पहले चरण की मतदाता सूची फ्रीज कर दी गयी है. सागरिका घोष ने कहा कि वास्तविक मतदाताओं को कैसे जोड़ा जायेगा. उन्होंने निर्वाचन आयोग पर पक्षपात का आरोप लगाया. निर्वाचन आयोग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, पश्चिम बंगाल में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) अभियान के बाद मतदाता सूची से करीब 91 लाख मतदाताओं के नाम हटा दिये गये हैं. मतदाता सूची पुनरीक्षण प्रक्रिया पूरी होने के बाद राज्य के अंतिम मतदाता आधार की घोषणा अभी बाकी है.
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मुर्शिदाबाद में सबसे अधिक कटे नाम
शुरू से ही यह अनुमान लगाया जा रहा था कि मालदा, मुर्शिदाबाद और उत्तर दिनाजपुर – इन तीन जिलों में सबसे अधिक नाम हटाये जा सकते हैं. गणना सामने आने के बाद पता चला कि मुर्शिदाबाद जिला इस मामले में सबसे आगे है. आयोग के सूत्रों के अनुसार, मुर्शिदाबाद में सबसे अधिक 11 लाख 1 हजार मतदाताओं के नाम हटाये गये हैं. मुर्शिदाबाद की 2025 की मतदाता सूची में 57 लाख 64 हजार 85 लोग शामिल हैं. इनमें से 54 लाख 85 हजार 248 लोगों के नाम मसौदा सूची में हैं. 4 लाख 55 हजार लोगों के नाम लंबित सूची से छूट गए हैं.
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