बर्खास्त शिक्षकों का नबान्न अभियान फिलहाल स्थगित

सुप्रीम कोर्ट द्वारा 25,753 शिक्षकों व गैरशिक्षकों की नौकरियों को रद्द करने के फैसले के बाद बेरोजगार लोग सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. इनमें से कई बेरोजगार शिक्षकों ने अगले सोमवार यानी 21 अप्रैल को नबान्न अभियान की घोषणा की थी. अभियान में शामिल होने के लिए उन्होंने आरजी कर कांड के पीड़ित परिवार के सदस्यों को भी आमंत्रित किया था, लेकिन बेरोजगार शिक्षकों ने फिलहाल नबान्न अभियान स्थगित कर दिया है.

कोलकाता.

सुप्रीम कोर्ट द्वारा 25,753 शिक्षकों व गैरशिक्षकों की नौकरियों को रद्द करने के फैसले के बाद बेरोजगार लोग सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. इनमें से कई बेरोजगार शिक्षकों ने अगले सोमवार यानी 21 अप्रैल को नबान्न अभियान की घोषणा की थी. अभियान में शामिल होने के लिए उन्होंने आरजी कर कांड के पीड़ित परिवार के सदस्यों को भी आमंत्रित किया था, लेकिन बेरोजगार शिक्षकों ने फिलहाल नबान्न अभियान स्थगित कर दिया है.

बेरोजगार शिक्षकों ने शनिवार को यह घोषणा की. इन शिक्षकों ने भारतीय राष्ट्रीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान सौरभ गांगुली को भी इस अभियान में भाग लेने के लिए आमंत्रित करने का प्रयास किया था, लेकिन सौरभ ने अपील की थी कि उन्हें ””””राजनीति से दूर”””” रखा जाये. इस स्थिति में प्रदर्शनकारियों के संबंधित मंच को शनिवार को सूचित किया गया कि वे 21 अप्रैल को नबान्न अभियान नहीं करेंगे. शिक्षकों के मंच से कुछ सदस्यों ने कहा कि वह उस कार्यक्रम को फिलहाल स्थगित कर रहे हैं लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि वे नबान्न अभियान रद्द कर रहे हैं. जब तक उनकी समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं हो जाता, वे नबान्न अभियान के अपने निर्णय से पीछे नहीं हटेंगे. इसे फिलहाल स्थगित किया जा रहा है. इस संदर्भ में प्रदर्शनकारियों के संबंधित मंच की ओर से देबाशीष विश्वास ने शनिवार को बताया कि “जब से आंदोलन का आह्वान किया गया है, तब से हमें पुलिस और प्रशासन द्वारा बार-बार बातचीत के लिए बुलाया जा रहा है. गुरुवार को हावड़ा पुलिस कमिश्नरेट के साथ चर्चा हुई. शुक्रवार को डीजीपी और कोलकाता पुलिस कमिश्नर समेत कई अधिकारियों की मौजूदगी में चर्चा हुई. यह बात सामने आयी कि फिलहाल हम मुख्य सचिव के साथ विचार-विमर्श करेंगे. हमें बताया गया है कि सही कदम उठाये जायेंगे. हमने शनिवार को मेल किया है, जिसमें मुख्य सचिव के साथ बैठक करने की बात कही है. हम मुख्यमंत्री के साथ भी बैठना चाहते हैं. ध्यान रहे, सर्वोच्च न्यायालय के फैसले से 2016 का लगभग पूरा एसएससी पैनल रद्द कर दिया गया है.

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Published by: Bijay kumar

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