West Bengal News: पश्चिम बंगाल के 3 लोगों को कर्नाटक में गिरफ्तार किया गया है. कर्नाटक के तटीय शहर मंगलुरु में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी नागरिकों को काम पर लगाने और उनकी घुसपैठ कराने वाले गिरोह का भंडाफोड़ होने के बाद इनकी गिरफ्तारी हुई. पुलिस ने मंगलवार को बताया कि ये तीनों अवैध बांग्लादेशियों को लाकर शहर के विभिन्न निर्माण स्थलों (Construction Sites) पर रोजगार मुहैया करा रहे थे. यह गिरोह उत्तर भारत के विभिन्न राज्यों से मजदूरों को काम दिलाने का झांसा देकर मंगलुरु ला रहा था. उन्हीं के साथ बांग्लादेशी नागरिकों को भी छिपाकर लाया जा रहा था.
पश्चिम बंगाल के रहने वाले हैं तीनों आरोपी
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार किये गये तीनों आरोपियों की पहचान मोइदीन इस्लाम, रसूल इस्लाम और दिलावर हुसैन के रूप में हुई है. ये तीनों मूल रूप से पश्चिम बंगाल के निवासी हैं. इनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता और पासपोर्ट/विदेशी अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है. इन पर बांग्लादेशी नागरिकों की अवैध घुसपैठ कराने और उन्हें पहचान छिपाकर शहर के बिल्डरों व ठेकेदारों के पास काम दिलाने के आरोप लगाये गये हैं.
कोलकाता पुलिस की मदद से हुई गिरफ्तारी
कार्रवाई की जानकारी देते हुए मंगलुरु पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि आरोपी मोइदीन और दिलावर को मंगलुरु से ही गिरफ्तार कर लिया गया था. तीसरे आरोपी रसूल को कोलकाता पुलिस के सहयोग से कोलकाता में दबिश देकर गिरफ्तार किया गया.
ये भी पढ़ें: बांग्लादेशी घुसपैठियों की अब खैर नहीं, शुभेंदु सरकार ने शुरू किया सर्च ऑपरेशन, बॉर्डर सील करने की तैयारी
कोलकाता भेजी गयी कर्नाटक पुलिस की टीम : रेड्डी
मंगलुरु शहर के पुलिस कमिश्नर सुधीर कुमार रेड्डी ने बताया कि कोलकाता में पकड़े गये आरोपी रसूल को ट्रांजिट रिमांड पर मंगलुरु लाने के लिए पुलिस उपायुक्त (कानून एवं व्यवस्था) के नेतृत्व में एक विशेष टीम कोलकाता भेजी गयी है. तीनों आरोपियों से गहन पूछताछ की जा रही है. उम्मीद है कि इस पूरे नेटवर्क में शामिल अन्य एजेंटों व मास्टरमाइंड्स का भी जल्द खुलासा होगा.
ये भी पढ़ें: अवैध बांग्लादेशियों के खिलाफ कार्रवाई तेज, डिटेक्ट, डिलीट, डिपोर्ट नीति से खौफ में घुसपैठिये
अवैध नागरिकों के दस्तावेज खंगाल रही पुलिस
पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इन अवैध नागरिकों के लिए कहीं जाली दस्तावेज तो नहीं बनाये गये थे. इसके साथ ही यह भी जांच चल रही है कि कहीं ये लोग अन्य किसी संदिग्ध गतिविधि में शामिल तो नहीं थे.
