''''आमादेर पाड़ा, आमादेर समाधान'''' शिविरों में पहुंचे 4.5 लाख से अधिक जरूरतमंद

पश्चिम बंगाल में शनिवार से शुरू हुई 'आमादेर पाड़ा, आमादेर समाधान' (एपीएएस) कार्यक्रम को ज़बरदस्त सफलता मिली है

शनिवार से शुरू की गयी राज्य सरकार की यह नयी योजना

सोमवार तक राज्यभर में लगाये गये 1200 शिविर

संवाददाता, कोलकाता.

पश्चिम बंगाल में शनिवार से शुरू हुई ””आमादेर पाड़ा, आमादेर समाधान”” (एपीएएस) कार्यक्रम को ज़बरदस्त सफलता मिली है और राज्यभर में 1200 शिविरों में 4.5 लाख से ज़्यादा लोगों ने भाग लिया. राज्य के मुख्य सचिव मनोज पंत ने सोमवार को राज्य सचिवालय में बताया कि सोमवार को 590 शिविर आयोजित किये गये और इन शिविरों में 2.51 लाख लोग पहुंचे. डॉ पंत ने कहा कि इस शिविर में ज़्यादातर आवेदन सड़कों, जल निकासी, स्ट्रीट लाइटों के सुधार, जल निकायों के पुनरुद्धार, आइसीडीएस केंद्रों की मरम्मत आदि के लिए जमा हुए हैं.

उन्होंने बताया कि कुछ शिविरों में अधिक भागीदारी को प्रोत्साहित करने के लिए नवीन साधनों और यहां तक कि एआइ (कृत्रिम बुद्धिमत्ता) का भी इस्तेमाल किया गया. प्रत्येक शिविर में व्यक्तिगत शिकायतों के समाधान के लिए दुआरे सरकार सहायता डेस्क भी स्थापित किये गये हैं, जिससे यह जनभागीदारी और सेवा वितरण के लिए एक समग्र मंच बन गया है. उन्होंने बताया कि दुआरे सरकार शिविर में बिना मूल्य सामाजिक सुरक्षा योजना, लक्ष्मी भंडार, वृद्धावस्था और विधवा पेंशन, स्वास्थ्य साथी, कृषक बंधु (नया) जैसी सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से संबंधित आवेदन और पूछताछ सबसे अधिक रही. उन्होंने बताया कि स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) उत्पादों की बिक्री, एपीएएस शिविरों के साथ-साथ स्वास्थ्य शिविरों के आयोजन ने कुछ शिविरों को और भी जीवंत बना दिया. राज्य का लक्ष्य तीन नवंबर तक पूरे राज्य में 27,000 शिविर आयोजित करना है, जिसमें रविवार और सभी सार्वजनिक अवकाशों के साथ-साथ त्योहारों की छुट्टियां शामिल नहीं हैं.

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