कोलकाता. राज्य सरकार और चुनाव आयोग के बीच एसआइआर और दूसरे प्रशासनिक मामलों को लेकर शुरू से ही एक तरह की खींचतान देखी गयी है. अब बीएलओ की नियुक्ति को लेकर राज्य के शिक्षा मंत्री ब्रात्य बसु ने बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि आयोग ने राज्य सरकार और शिक्षा विभाग की इजाज़त या नोटिफिकेशन के बिना राज्य के शिक्षकों को बीएलओ के तौर पर नियुक्त किया है.
ब्रात्य बसु ने दावा किया कि शिक्षकों पर अचानक ऐसी ज़िम्मेदारी डालकर शिक्षा के काम में रुकावट डालने की कोशिश की गयी है. शिक्षा मंत्री ने कहा कि अगर आयोग इस तरह से काम करता रहेगा, तो इससे स्कूलों में पठन-पाठन व परीक्षाओं के आयोजन में बाधा उत्पन्न होगी.अब केंद्रीय बल के जवान संभालेंगे सुरक्षा का जिम्मा
कोलकाता. एसआइआर प्रकिया के पहले चरण संपन्न होने के बाद अब अगले सप्ताह सुनवाई शुरू होगी. इसी बीच चुनाव आयोग ने सुरक्षा की जिम्मेदारी केंद्रीय सुरक्षा बल को सौंप रही है. सीईओ कार्यालय से कोलकाता पुलिस की तैनाती को हटाने का फैसला लिया है. अब केंद्रीय बल के जवान मोर्चा संभालेंगे. इसके अलावा जिलों में मतदाताओं से मिलने जा रहे सभी पर्यवेक्षकों के साथ केंद्रीय बल के जवान मौजूद रहेंगे.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
