कल्याणी एम्स तीन हफ्ते में युवक की मेडिकल रिपोर्ट सौंपे : हाइकोर्ट

मंगलवार को न्यायाधीश सुजय पाल और स्मिता दास की खंडपीठ ने आदेश दिया कि कल्याणी एम्स तीन हफ्ते के भीतर युवक का वजन मापने सहित मेडिकल जांच करे.

कोलकाता. क्या किसी का वजन तीन दिनों में 10 किलोग्राम कम हो सकता है? कलकत्ता हाइकोर्ट ने यह सवाल उठाया है. हाइकोर्ट ने कल्याणी एम्स को एक युवक का वजन मापने का निर्देश देते हुए सवाल किया कि क्या इतने कम समय में 10 किलो वजन कम करना संभव है. मंगलवार को न्यायाधीश सुजय पाल और स्मिता दास की खंडपीठ ने आदेश दिया कि कल्याणी एम्स तीन हफ्ते के भीतर युवक का वजन मापने सहित मेडिकल जांच करे. उस रिपोर्ट के आधार पर उसे नौकरी का अवसर मिलेगा. अगर योग्यता साबित होती है, तो अतिरिक्त रिक्तियां सृजित की जायें और जरूरत पड़ने पर नौकरी में बहाल किया जाये. बता दें कि बिट्टू गंगोपाध्याय नामक एक युवक ने केंद्रीय सेना जवान भर्ती परीक्षा में भाग लिया था. उनका दावा है कि उन्होंने शारीरिक दक्षता समेत सभी परीक्षाएं पास कर ली थीं. इसके बाद भी उन्हें नौकरी नहीं मिली. उन्हें बताया कि उनके वजन में समस्या है. वह सहमत नहीं हुए. इसके बाद उन्होंने अदालत का दरवाजा खटखटाया. बिट्टू के वकील ने दलील दी कि 15 जुलाई, 2024 को सीआरपीएफ मेडिकल बोर्ड ने शारीरिक परीक्षण किया था और उनके मुवक्किल का वजन 82 किलोग्राम बताया था. तीन दिन बाद यानी 20 जुलाई को बिट्टू ने एक सरकारी अस्पताल में अपना वजन नापा. वहां वजन 72 किलो था. उन्होंने सवाल उठाया कि कोई व्यक्ति 72 घंटे में 10 किलो वजन कैसे कम कर सकता है. दोनों अस्पतालों की इतनी अलग-अलग रिपोर्ट को लेकर भ्रम की स्थिति थी. इससे पहले हाइकोर्ट की एकल पीठ ने सैन्य अस्पताल की रिपोर्ट पर मुहर लगा दी थी, लेकिन युवक इस फैसले को हाइकोर्ट की खंडपीठ में चुनौती दिया. मंगलवार को दो न्यायाधीशों की पीठ ने प्रारंभिक टिप्पणी करते हुए कहा कि किसी भी उम्मीदवार को दो मेडिकल रिपोर्टों में विसंगतियों के कारण वंचित नहीं किया जा सकता. अदालत का काम न्याय प्रदान करना है. अदालत ने कहा कि किसी भी व्यक्ति का वजन सिर्फ तीन दिनों में इतना नहीं बदलता. अदालत को लगता है कि दोनों रिपोर्टों में से एक में विसंगति है, इसलिए नये सिरे से वजन मापना जरूरी है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By GANESH MAHTO

GANESH MAHTO is a contributor at Prabhat Khabar.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >