धापा वाटर ट्रीटमेंट प्लांट और लैंड फील्ड साइट का मेयर ने किया दौरा

जय हिंद वाटर ट्रीटमेंट प्लांट के जल शोधन क्षमता को बढ़ाया जा रहा है. यहां फिलहाल 30 मिलियन गैलन पानी का शोधन किया जा रहा है.

कोलकाता. मेयर फिरहाद हकीम गुरुवार को धापा स्थित जय हिंद वाटर ट्रीटमेंट प्लांट और डंपिंग ग्राउंड (लैंड फील्ड साइड) का दौरा किया. जय हिंद वाटर ट्रीटमेंट प्लांट के जल शोधन क्षमता को बढ़ाया जा रहा है. यहां फिलहाल 30 मिलियन गैलन पानी का शोधन किया जा रहा है. अब यहां और 20 मिलियन गैलन पानी का शोधन करने के लिए नया प्लांट तैयार किया जा रहा है. जय हिंद जल परियोजना के विस्तार कार्य का जायजा लेने गुरुवार को मेयर धापा पहुंचे. मेयर चल रहे निर्माण कार्य को देखने पहुंचे थे. 132 करोड़ रुपये की लागत से जल उत्पादन क्षमता को बढ़ाने के लिए निर्माण कार्य चल रहा है. निर्माण कार्य पूरा होने के बाद यहां प्रतिदिन 20 मिलियन गैलन पानी का शोधन किया जायेगा. ऐसी शिकायतें थीं कि श्रमिकों की कमी के कारण निर्माण कार्य बाधित हो रहा है. श्रमिकों की कमी के कारण कार्य ठप है. बताया जा रहा है कि अधिकतर श्रमिक मालदा व मुर्शिदाबाद जिले के हैं. वहीं वर्तमान में मुर्शिदाबाद की स्थिति से लोग भलीभांति परिचित है. वहीं मेयर फिरहाद हकीम ने काम को तेजी से पूरा करने के लिए मुर्शिदाबाद मालदा के मजदूरों की जगह अन्य जगहों से मजदूरों को लाने का आदेश दिया. मेयर ने उक्त आरोप का खंडन करते हुए कहा कि यहां के अधिकतर मरीज ईद की छुट्टी के बाद अब तक लौटे ही नहीं है.

कूड़े की रिसाइकिलिंग पर जोर दे दूसरे नगर निकाय : बेलगछिया सेंट्रल डंपिंग ग्राउंड (भगाड़) कांड के बाद कोलकाता के मेयर ने गुरुवार को धापा स्थित डंपिंग ग्राउंड का भी जायजा लिया. उन्होंने बताया कि कोलकाता के धापा डंपिंग ग्राउंड पर काफी दबाव है, क्योंकि यहां कोलकाता के अलावा हावड़ा, न्यूटाउन कोलकाता विकास प्राधिकरण (एनकेडीए), पानीहाटी, विधाननगर, नवदिगंत तारातला से एकत्र होनेवाले कचरा को निगम के इस डंपिंग ग्राउंड में डंप किया जाता है. मेयर ने बताया कि कोलकाता से प्रतिदिन चार हजार मीट्रिक टन एकत्र किया जाता है, जिसमें से 1500 टन कचरा की रिसाइकिलिंग की जाती है. उन्होंने शहर में जमने वाले कूड़े से निजात पाने के लिए इनका रिसाइकिलिंग ही एक मात्र उपाय है. उन्होंने बताया कि धापा में उर्वरक, सीएनजी गैस, प्लास्टिक रीसाइकिल से थर्मोकोल बनाने विभिन्न प्रकार के रिसाइकिलिंग प्लांट भी हैं. धापा में तैयार होनेवाले सीएनजी का इस्तेमाल निगम के कुछ वाहनों को चलाने के लिए किया जाता है.

वहीं, मेयर ने कोलकाता नगर निगम के ठोस कचरा प्रबंधन विभाग के डायरेक्टर जनरल (डीजी) डॉ शुभाशीष चटर्जी को रिसाइकिलिंग इकाइयों की संख्या बढ़ाने का निर्देश दिया. मेयर फिरहाद हकीम ने कहा कि भविष्य में ऐसी व्यवस्था की जायेगी कि निगम के सभी वाहन सीएनजी से चल सकें.

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Published by: Sandip tiwari

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