भ्रष्टाचार को छिपाने के लिए अराजक तत्वों को सड़कों पर उतारीं ममता : दिलीप घोष

एसएससी भर्ती घोटाले से लेकर मुर्शिदाबाद की घटना को लेकर प्रदेश भाजपा के पूर्व अध्यक्ष दिलीप घोष ने राज्य सरकार और राज्य पुलिस प्रशासन पर जमकर हमला बोला.

न्यूटाउन-इकोपार्क में मॉर्निंग वॉक के दौरान पत्रकारों से बोले पूर्व प्रदेश भाजपा अध्यक्ष

कोलकाता. एसएससी भर्ती घोटाले से लेकर मुर्शिदाबाद की घटना को लेकर प्रदेश भाजपा के पूर्व अध्यक्ष दिलीप घोष ने राज्य सरकार और राज्य पुलिस प्रशासन पर जमकर हमला बोला. रविवार को न्यूटाउन-इको पार्क में मॉर्निंग वॉक के दौरान उन्होंने पत्रकारों से रूबरू होते हुए उनके सवालों के जवाब दिया. इस दौरान श्री घोष ने कहा कि ममता बनर्जी शिक्षा विभाग में हुए भ्रष्टाचार को छिपाने के लिए अराजक तत्वों को सड़कों पर उतार दी हैं. उन्होंने कहा कि मुर्शिदाबाद में 600 करोड़ रुपये की संपत्ति नष्ट हो गयी है. पुलिस पीछे हट गयी है और राज्य सरकार चुप बैठी है. बीएसएफ दो दिनों से इस पर नियंत्रण कर रही है. मालदा और मुर्शिदाबाद में चारों तरफ आग जल रही है. अर्द्धसैनिक बलों के लिए अदालत जाना पड़ा.

पूर्व प्रदेश अध्यक्ष ने राज्य के डीजीपी पर भी कटाक्ष किया. श्री घोष ने कहा कि डीजीपी कहानी सुनाने की कोशिश कर रहे हैं. उन्हें शर्म नहीं है, जी-हजुरी करेंगे, क्योंकि ममता बनर्जी ने उन्हें जेल जाने से बचाया था. उन्होंने कहा कि आज घरों में घुसकर हिंदुओं को मारा जा रहा है. अराजक तत्व सरेआम घूम रहे हैं और पुलिस खोजने से भी नहीं मिल रही है. जितने चुनाव नजदीक आयेंगे, ये उतना ही बढ़ेगा, क्योंकि ममता बनर्जी ऐसे ही अराजक तत्वों के वोट से चुनाव जीतना चाहती हैं.

श्री घोष ने तृणमूल सांसद अभिषेक बनर्जी पर भी कटाक्ष किया और कहा कि सीएए आंदोलन के कारण राज्य तीन दिनों से जल रहा है, तो नबान्न अभियान करने पर उन्होंने कहा था कि सिर में गोली मारना होगा, तो फिर आज मुर्शिदाबाद के अराजक तत्वों को पीठ में गोली मारें. आज मुर्शिदाबाद पश्चिमी बांग्लादेश बन गया है. श्री घोष ने कहा कि पुलिस की विफलता के कारण ही केंद्रीय बलों को तैनात किया जा रहा है. उन्हें पहले दिन ही तैनात किया जाना चाहिए था. जिला अराजक तत्वों के हाथों में चला गया है. माहौल भयावह है.

पूरे देश में वक्फ कानून लागू हो गया है. कहीं कोई समस्या नहीं है. बंगाल सिर्फ जल रहा है.

श्री घोष ने बेरोजगार शिक्षकों के आंदोलन के बारे में कहा कि पांच साल से विभिन्न स्तरों पर शिक्षक पूरे कोलकाता में विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. मुख्यमंत्री ने 18,000 शिक्षकों का भविष्य अंधकारमय कर दिया है. ममता बनर्जी को इसका जवाब देना होगा. हम नौकरी अभ्यर्थियों के साथ खड़े हैं.

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Published by: Subodh kumar singh

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