नामांकन दाखिल करने पैदल पहुंची ममता बनर्जी, भवानीपुर को बताया अपना घर

Mamata Banerjee: मुख्यमंत्री ने अपने घर से अलीपुर सर्वे भवन तक पैदल चलकर अपना नामांकन पत्र दाखिल किया. उनके साथ एक विशाल जुलूस भी चल रहा था. नामांकन पत्र दाखिल करने के बाद वे बाहर आए और मीडिया से बात की.

Mamata Banerjee: अमित शर्मा, कोलकाता. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र से तृणमूल उम्मीदवार के रूप में अपना नामांकन पत्र दाखिल किया. वह सुबह 10:45 बजे अपने घर से निकलीं और पैदल चलकर अलीपुर सर्वे भवन पहुंचीं. मुख्यमंत्री के साथ एक विशाल जुलूस निकला. नामांकन प्रक्रिया के दौरान मुख्यमंत्री के साथ कोलकाता के महापौर और राज्य मंत्री फिरहाद हकीम, पार्षद और मुख्यमंत्री के भाई स्वपन बनर्जी, कार्तिक बनर्जी, भाभी काजरी बनर्जी, पार्टी नेता संदीप बख्शी और अन्य लोग मौजूद थे.

नाम हटना खड़े करता है कई सवाल

नामांकन के बाद बनर्जी ने मीडिया से बातचीत में जहां एक ओर जनता का अभिवादन किया, वहीं दूसरी ओर मतदाता सूची को लेकर गंभीर सवाल भी उठाये. उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम सूची से गायब हैं, जो लोकतंत्र के लिए बेहद चिंताजनक है. उनका दावा था कि करीब 1.2 करोड़ मतदाताओं में से केवल 32 लाख नाम ही बहाल किये गये हैं, जबकि पहले चरण में ही लगभग 58 लाख नाम हटा दिये गये.

नामों पर अंतिम निर्णय नहीं

उन्होंने स्पष्ट किया कि कुछ डुप्लिकेट या मृत मतदाताओं के नाम हटाना स्वाभाविक प्रक्रिया है, लेकिन इतनी बड़ी संख्या में नाम हटना कई सवाल खड़े करता है. बनर्जी ने कहा कि 27 लाख से अधिक मतदाता अभी भी “अंडर एडजुडिकेशन” में हैं, यानी उनके नामों पर अंतिम निर्णय नहीं हुआ है. उनका मानना है कि ऐसे सभी लोगों को मतदान का अधिकार मिलना चाहिए.

अधिकारों को रोका जाना उचित नहीं

मुख्यमंत्री ने सुप्रीम कोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि अदालत भी यह मान चुकी है कि अंडर एडजुडिकेशन वाले लोग वास्तविक मतदाता हैं. ऐसे में उनके अधिकारों को रोका जाना उचित नहीं है. उन्होंने यह भी कहा कि जिन लोगों के नाम अब तक सूची में बहाल नहीं हुए हैं, वे ट्रिब्यूनल में अपील कर सकते हैं, लेकिन सवाल यह है कि इस प्रक्रिया को लंबित क्यों रखा जा रहा है. बनर्जी ने संकेत दिया कि इस मुद्दे पर तृणमूल कांग्रेस आगे कानूनी और राजनीतिक दोनों स्तर पर कदम उठाएगी. उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा के लिए हर संभव प्रयास करेगी और जरूरत पड़ने पर अदालत का दरवाजा भी खटखटायेगी.

भवानीपुर से मेरा भावनात्मक जुड़ाव

अपने राजनीतिक संदेश में बनर्जी ने भवानीपुर की जनता को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह क्षेत्र उनके लिए केवल एक निर्वाचन क्षेत्र नहीं, बल्कि कर्मभूमि है. उन्होंने कहा, “मैं यहां 365 दिन रहती हूं और यहां के लोगों के साथ मेरा भावनात्मक जुड़ाव है.” उन्होंने पूरे राज्य की जनता से अपील की कि वे राज्य की सभी सीटों पर तृणमूल के उम्मीदवारों को समर्थन दें. उन्होंने विश्वास जताया कि उनकी पार्टी एक बार फिर सरकार बनायेगी और विकास की प्रक्रिया को आगे बढ़ाएगी.

यह चुनाव केवल सत्ता का नहीं

ममता ने कहा- यह चुनाव केवल सत्ता का नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक अधिकारों और जनकल्याण की नीतियों की रक्षा का भी है. उन्होंने यह भी कहा कि जनता विकास, सामाजिक सुरक्षा और स्थिर शासन के आधार पर फैसला करेगी. भवानीपुर सीट इस बार खास तौर पर चर्चा में है, क्योंकि यहां मुकाबला काफी कड़ा माना जा रहा है. इस सीट से ममता बनर्जी के खिलाफ मैदान में भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी के उतरने से चुनाव का महत्व और बढ़ गया है. राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस सीट का परिणाम पूरे राज्य की राजनीति पर असर डाल सकता है.

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सुबह से ही जमा होने लगे थे कार्यकर्ता

बुधवार सुबह से ही पार्टी कार्यकर्ता और समर्थक मुख्यमंत्री के आवास के सामने जमा हो रहे थे. भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने सड़क के एक हिस्से पर रेलिंग लगा दी थी. मुख्यमंत्री को देखने के लिए सड़क किनारे बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए थे. मुख्यमंत्री ने हाथ हिलाते हुए भीड़ की ओर कदम बढ़ाया. मुख्यमंत्री के पीछे तृणमूल नेताओं और कार्यकर्ताओं का एक लंबा जुलूस था. जुलूस में ‘जय बांग्ला’ के नारे लगाए जा रहे थे. सड़क के दोनों ओर खड़ी महिला कार्यकर्ताओं ने शंख बजाकर और उलू वादन करके मुख्यमंत्री का स्वागत किया.

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लेखक के बारे में

By Ashish Jha

डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव. लगातार कुछ अलग और बेहतर करने के साथ हर दिन कुछ न कुछ सीखने की कोशिश. वर्तमान में बंगाल में कार्यरत. बंगाल की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को टटोलने के लिए प्रयासरत. देश-विदेश की घटनाओं और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स को सीखने की चाहत.

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