ममता बनर्जी दिल्ली में और बंगाल समेत 3 राज्यों में ईडी ने कोयला कारोबारियों पर मार दिये छापे

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी केंद्र सरकार और चुनाव आयोग के खिलाफ दिल्ली में आग उगल रहीं हैं. दूसरी तरफ, सेंट्रल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने एक साथ 3 राज्यों पश्चिम बंगाल, झारखंड और दिल्ली में छापेमारी की. ये छापेमारी कोयला माफिया के ठिकानों पर हुई है. बंगाल में जिन लोगों के यहां छापे पड़े हैं, उनमें एक पुलिस ऑफिसर का आवास भी है.

दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस में ममता बनर्जी और बंगाल में ईडी ने मारी रेड. फोटो : प्रभात खबर

पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव से पहले एक बार फिर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) एक्शन में है. मंगलवार को केंद्रीय जांच एजेंसी ने झारखंड और पश्चिम बंगाल में सक्रिय कोयला माफिया के खिलाफ धनशोधन (मनी लाउंडरिंग) की जांच के सिलसिले में पश्चिम बंगाल और दिल्ली में कई जगहों पर एक बार फिर छापेमारी की. एजेंसी के अधिकारियों ने यह जानकारी दी है.

सुबह साढ़े 6 बजे कोयला माफिया के ठिकानों पर पहुंची टीम

ईडी के अधिकारियों ने बताया कि सेंट्रल आर्म्ड पुलिस फोर्स (सीएपीएफ) के जवानों के साथ ईडी की टीमों ने सुबह करीब साढ़े 6 बजे से दिल्ली, कोलकाता, आसनसोल, दुर्गापुर और पश्चिम बर्द्धमान जिले के अन्य हिस्सों में सर्च ऑपरेशन शुरू किया. जहां-जहां सर्च ऑपरेशन चला, उसमें आसनसोल के बुदबुद पुलिस स्टेशन के नये ऑफिसर इन चार्ज (ओसी) मनोरंजन मंडल का आवास भी शामिल है.

चार्ज लेने से पहले ही बुदबुद के ओसी के घर पड़ी रेड

एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया सर्च ऑपरेशन रेत और कोयले के इल्लीगल बिजनेस से जुड़ा है. मनोरंजन मंडल को पिछले साल भ्रष्टाचार के आरोप में सस्पेंड कर दिया गया था. जिस समय उन पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे थे, उस वक्त वह बाराबनी पुलिस स्टेशन में तैनात थे. बाद में उन्हें आसनसोल पुलिस की स्पेशल ब्रांच में भेज दिया गया. उन्होंने अभी तक बुदबुद पुलिस स्टेशन में ऑफिशियली अपना चार्ज नहीं लिया है. ईडी की कार्रवाई के बाद अब ओसी के रूप में उनकी तैनाती जांच के दायरे में आ गयी है.

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सैंड और कोल माफिया के घरों और ऑफिस पर छापे

सेंट्रल एजेंसी ने इलाके में रेत (Sand) और कोयला के कई व्यापारियों के घरों और ऑफिस की भी तलाशी ली. दुर्गापुर के सेपको इलाके में ईडी ने ‘केके मिनरल्स’ के मालिक एवं रेत व्यापारी प्रबीर दत्ता के आवास और उनके भाई अमित दत्ता के आवास पर भी छापेमारी की.

इन जगहों पर पहुंचे ईडी के अफसर

अधिकारियों ने बताया कि यह कंपनी बांकुड़ा, पश्चिम और पूर्व बर्द्धमान जिलों में रेत की खदानें संचालित करती है. इसके ऑफिस पानागढ़ में हैं. पानागढ़ में रेत व्यापारी शेख हासिम मिर्जा बेग, आंदुल के भक्तारनगर एरिया में शेख किरण मंडल और पांडबेश्वर में कोयला व्यापारी शेख मैजुल के आवासों पर भी सर्च ऑपरेशन चला.

दिल्ली में भी कई जगह पहुंची ईडी की टीम

कोलकाता और दिल्ली में भी कई जगहों पर ईडी की टीम ने रेड की. इस मामले में नवंबर 2025 में ईडी की टीम ने सर्च ऑपरेशन में 14 करोड़ रुपए से अधिक कैश और गोल्ड जब्त किये थे. एजेंसी ने पश्चिम बंगाल और झारखंड पुलिस की ओर से दर्ज की गयी कई एफआईआर का संज्ञान लेते हुए धनशोधन निरोधक कानून के तहत शिकायत दर्ज की.

कोयला सप्लाई के ‘बड़े’ नेटवर्क की जतायी गयी थी आशंका

पुलिस ने जो एफआईआर दर्ज की थी, उसमें ऐसी आशंका जतायी गयी थी कि झारखंड और पश्चिम बंगाल की सीमा पर कोयले की सप्लाई का ‘बहुत बड़ा’ नेटवर्क चल रहा है. ईडी ने एक बयान जारी कर कहा था कि तलाशी के दौरान जब्त दस्तावेजों और अन्य रिकॉर्ड्स से इस बात की पुष्टि हुई कि एफआईआर में जो आरोप लगाये गये थे, वे सही हैं.

आई-पैक के ठिकानों पर छापे से अलग है यह रेड

ईडी ने कहा कि लोकल ऑफिसर्स की मदद से ऑर्गनाइज्ड गैंग की पहचान करने में भी मदद मिली. उसने दावा किया कि यह गिरोह पश्चिम बंगाल और झारखंड के सीमावर्ती क्षेत्रों में बहुत सक्रिय है. उसने अपराध से ‘काफी’ कमाई की है. यह केस सेंट्रल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी की ओर से की जा रही एक अन्य कथित कोयला घोटाला मामले से अलग है, जिसमें एजेंसी ने पिछले महीने कोलकाता में राजनीतिक परामर्श कंपनी ‘आई-पैक’ के ठिकानों पर छापेमारी की थी.

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By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 30 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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