ममता बनर्जी जायेंगी दिल्ली, विपक्षी दलों की बैठक में होंगी शामिल

Mamata Banerjee: चुनाव में मिली करारी हार के बाद ममता बनर्जी एक बार फिर विपक्षी गठबंधन की बैठक में शामिल हो सकती हैं. भाजपा ने भी इस बात की पुष्टि की है कि तृणमूल के नेता कांग्रेस नेता राहुल गांधी के संपर्क में हैं.

Mamata Banerjee: कोलकाता/नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस को करारी हार के बाद अब ममता बनर्जी एक बार फिर विपक्षी एकता को मजबूत करने में जुट गयी हैं. तृणमूल सुप्रीमो ममता बनर्जी और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने गठबंधन की बैठक पर चर्चा की है. ममता बनर्जी स्वयं भी बैठक में शामिल हो सकती हैं. ममता बनर्जी पहले भी कई बार इस बात का दावा कर सकती हैं कि वो दिल्ली में भाजपा के खिलाफ मोर्चाबंदी करेंगी. इस बैठक में पश्चिम बंगाल समेत विभिन्न राज्यों में चुनाव परिणामों पर एसआईआर के प्रभाव पर चर्चा हो सकती है.

हर मोर्चे पर हारता गया विपक्ष

केरल में वामपंथियों का गढ़ टूट गया है. तमिलनाडु की जनता ने एक बार फिर डीएमके से अपना भरोसा हटाकर नई पार्टी टीवीके को सौंप दिया है. कुल मिलाकर, इंडिया नामक विपक्षी दलों का गठबंधन के सहयोगी दलों के अपने-अपने राज्यों में प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहे हैं. इसी स्थिति में गठबंधन की दिल्ली में बैठक होने जा रही है. यह बैठक 6 जून को होने वाली है. टीवीके के भारत गठबंधन में नए सदस्य के रूप में शामिल होने की संभावना है.

डीएमके और माकपा को लेकर चर्चा

डीएमके के बैठक में शामिल होने या न होने को लेकर अटकलें लगाई जा रही हैं. तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में कांग्रेस और डीएमके ने गठबंधन में चुनाव लड़ा था, लेकिन चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद कांग्रेस ने रातोंरात गठबंधन तोड़ दिया और टीवीके के साथ हाथ मिला लिया. तब से दोनों पार्टियों के बीच कड़वाहट और बढ़ गई है. सीपीएम की भूमिका पर भी नजर रखी जाएगी. केरल चुनावों में सीपीएम को करारी हार का सामना करना पड़ा था. यह संदेह बना हुआ है कि सीपीएम दोबारा भारत गठबंधन में शामिल होगी या नहीं.

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बढ़ रही हैं तृणमूल की नजदीकियां : शमिक भट्टाचार्य

प्रदेश भाजपा अध्यक्ष व राज्यसभा सदस्य शमिक भट्टाचार्य ने तृणमूल पर निशाना साधते हुए कहा कि तृणमूल के नेता दिल्ली में कांग्रेस नेताओं के साथ नजदीकियां बढ़ा रहे हैं और उनके साथ बैठक कर रहे हैं. विपक्षी दलों के गठबंधन बनने के बाद भी तृणमूल ने कांग्रेस के निमंत्रण को बार-बार ठुकराया है. पश्चिम बंगाल में दोनों पार्टियां हमेशा एक-दूसरे की विरोधी रही हैं. हालांकि, पता चला है कि बंगाल चुनाव में हार के बाद राहुल गांधी और ममता बनर्जी संपर्क में हैं. इतना ही नहीं, सूत्रों का यह भी कहना है कि तृणमूल ने ‘वोट चोरी’ के मुद्दे पर राहुल गांधी के बयान का समर्थन किया है.

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Published by: Ashish Jha

डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव. लगातार कुछ अलग और बेहतर करने के साथ हर दिन कुछ न कुछ सीखने की कोशिश. वर्तमान में बंगाल में कार्यरत. बंगाल की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को टटोलने के लिए प्रयासरत. देश-विदेश की घटनाओं और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स को सीखने की चाहत.

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