ममता बनर्जी ने सरकार से रेहड़ी-पटरी वालों के लिए एक बड़ी मांग की है. तृणमूल कांग्रेस चीफ ममता बनर्जी, जो 15 साल तक पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री रह चुकी हैं, उन्होंने सड़कों से हटाये गये हॉकरों को हर महीने 25 हजार रुपए मुआवजा देने की मांग की है. तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सुप्रीमो ने शुक्रवार को ये बातें तृणमूल छात्र परिषद (TMCP) के स्थापना दिवस पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहीं. उन्होंने कहा कि अगर सरकार हटाये गये रेहड़ी-पटरी वालों को किसी दूसरी जगह बसा नहीं सकती, तो उन्हें हर महीने मुआवजा दे.
ममता बनर्जी के भाषण की 8 बड़ी बातें
- मैं जल्द ही जिलों का दौरा शुरू करूंगी और देखूंगी कि उनके पास (भाजपा समर्थकों के पास) कितने अंडे और ईंटें हैं. ममता बनर्जी ने पिछले दिनों तृणमूल कांग्रेस के नेताओं पर अंडों और ईंट-पत्थरों से हुए हमलों के संदर्भ में ये बातें कहीं.
- भाजपा ने चुनाव पर ‘कब्जा’ करने के लिए निर्वाचन आयोग का इस्तेमाल किया.
- मतदाता सूची से लाखों नाम गैर-कानूनी तरीके से हटाकर ‘वोट लूटने’ के लिए भाजपा ने एसआईआर का इस्तेमाल किया.
- रैली की मंजूरी के लिए हमें अदालत का समय क्यों बर्बाद करना चाहिए? अब हम अपनी पसंद की जगहों पर रैली करने के लिए जनता की मंजूरी लेंगे. हम बंगाल की जनता के पास जायेंगे और उनके सामने अपनी बातें रखेंगे.
- अगर बंगाल सरकार रेहड़ी-पटरी वालों को हटाकर फिर से बसा नहीं सकती, तो उन्हें हर महीने 25,000 रुपए मुआवजा दे.
- रक्षा बंधन के पावन पर्व पर मेरा संकल्प है-तृणमूल कांग्रेस समर्थकों पर पुलिस के अत्याचारों को रोका जायेगा.
- भाजपा बंगाल में बांटने वाली राजनीति कर रही है और डर फैलाने के लिए पुलिस का इस्तेमाल हो रहा है.
- मेरे कार्यकाल में पुलिस का मानवीय चेहरा था, भाजपा ने उन्हें ‘राक्षस’ बना दिया. पुलिस को राक्षस बनाने से उनका आशय पुलिस को बहुत कठोर या बेहद असंवेदनशील बना देने से है.
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