शुभेंदु की तारीफ के बाद मीडिया पर भड़कीं महुआ मोईत्रा, कहा- चटपटी खबरें बनाने से बचें पत्रकार

Mahua Moitra Clarification: बंगाल के चीफ मिनिस्टर शुभेंदु अधिकारी की तारीफ से मचे सियासी बवाल पर टीएमसी सांसद महुआ मोईत्रा ने सफाई दी है. कहा है कि उनके बयान के सिर्फ ‘चटपटे हिस्से’ काटकर भ्रम फैलाया गया. महुआ ने कहा कि वह ममता बनर्जी के साथ चट्टान की तरह खड़ी हैं. पढ़ें पूरी रिपोर्ट.

Mahua Moitra Clarification: पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की करीबी और तृणमूल कांग्रेस (TMC) की फायरब्रांड महिला सांसद महुआ मोईत्रा मीडिया से बेहद नाराज हैं. टीएमसी में महासंग्राम के बीच कृष्णनगर की सांसद महुआ मोईत्रा ने बंगाल के चीफ मिनिस्टर शुभेंदु अधिकारी की तारीफ करने के बाद कड़ा रुख अपनाया है. महुआ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर एक पोस्ट लिखकर मीडिया रिपोर्ट्स पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि सुर्खियों में बने रहने के लिए उनके हालिया इंटरव्यू से सिर्फ चटपटे हिस्से (Juicy Bits) चुनकर संदर्भ से बाहर खबरें चलायी जा रही हैं.

शुभेंदु ने उसूलों के लिए छोड़ी थी पार्टी, आज के बागी महा-पाखंडी : मोईत्रा

बीबीसी (BBC) हिंदी और बांग्ला को दिये अपने इंटरव्यू का वीडियो क्लिप शेयर करते हुए महुआ मोईत्रा ने टीएमसी के बागी नेताओं पर अब तक का सबसे बड़ा हमला बोला. उन्होंने कहा कि शुभेंदु अधिकारी ने जब तृणमूल छोड़ी थी, तो उनकी वजह साफ थी. वह जानते थे कि जब तक अभिषेक बनर्जी नंबर 2 के पद पर हैं, उन्हें पार्टी की कमान नहीं मिलेगी. इसलिए उन्होंने साफ तौर पर गरिमा के साथ इस्तीफा दिया और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) में शामिल होकर 5 साल तक अपनी लड़ाई लड़ी, जो सम्मानजनक है.

बागी सांसदों की जमकर लगायी क्लास

महुआ ने मौजूदा बागी सांसदों की तुलना शुभेंदु से करते हुए उनकी जमकर क्लास लगायी. उन्होंने पूछा- ये लोग जो आज अभिषेक बनर्जी की कार्यशैली पर सवाल उठा रहे हैं, वे डेढ़ महीने पहले तक शांत क्यों थे? उन्होंने टीएमसी के सिंबल पर चुनाव क्यों लड़ा? तब उन्हें टिकट और पद चाहिए था और आज वे बगावत कर रहे हैं. यह उनके चरम स्तर के ढोंग और पाखंड (Hypocrisy) को दर्शाता है.

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जब मैं रात भर रोयी थी, तब शुभेंदु ने कहा था – मत रो बहन : महुआ

महुआ मोईत्रा ने स्वीकार किया कि वे एक बेहद भावुक राजनीतिज्ञ हैं, जो पार्टी को एक परिवार की तरह देखती हैं. पुराने दिनों को याद करते हुए महुआ ने बताया कि वर्ष 2014 में जब उन्हें लोकसभा का टिकट नहीं मिला था, तो वे रात भर रोयी थीं. उस समय शुभेंदु अधिकारी ने ही उनको ढाढ़स बंधाया था. शुभेंदु ने कहा था- मत रो बहन. हम सब तुम्हारे साथ हैं. महुआ ने कहा कि करीमपुर के उनके पहले चुनाव में जब कोई प्रचार करने नहीं आ रहा था, तब शुभेंदु अधिकारी ने ही उनके लिए रैलियां की थीं. टीएमसी की महिला सांसद ने कहा कि पार्टी बदलने से पुरानी यादें और मानवीय रिश्ते खत्म नहीं हो जाते.

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Mahua Moitra Clarification: सायोनी घोष की बगावत सबसे बड़ा झटका

इंटरव्यू के दौरान महुआ मोईत्रा ने माना कि जादवपुर की सांसद सायोनी घोष का बागी खेमे में जाना उनके लिए सबसे बड़ा व्यक्तिगत झटका था. बता दें कि बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में करारी हार के बाद ममता बनर्जी की पार्टी ताश के पत्तों की तरह बिखर गयी है. विधानसभा में 58 बागी विधायकों को मान्यता मिल चुकी है. काकोली घोष, सायोनी घोष और यूसुफ पठान जैसे 20 भारी-भरकम टीएमसी सांसदों के गुट ने पार्टी का त्रिपुरा की पार्टी एनसीपीआई (NCPI) में विलय करने का ऐलान कर दिया है. इसके बाद संसद में ममता बनर्जी की पार्टी बहुत कमजोर हो गयी है.

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Published by: Mithilesh Jha

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