बर्धमान/पानागढ़ से मुकेश तिवारी की रिपोर्ट
पूर्व बर्धमान जिले के भातार थाना क्षेत्र अंतर्गत साहेबगंज-1 ग्राम पंचायत के काशीपुर मौजा में लगभग 30 एकड़ सरकारी (खास) जमीन को लेकर राजनीतिक विवाद एक बार फिर सामने आया है. वामपंथी नेताओं ने दावा किया कि आज उन्होंने जमीन पर कब्जा लेकर खेती शुरू कराई और उसे वास्तविक पट्टाधारक गरीब परिवारों को वापस सौंप दिया.
2021 से जमीन पर था तृणमूल का कब्जा
वाम नेताओं के अनुसार, वाम शासनकाल में इस जमीन का पट्टा गरीब एवं भूमिहीन लोगों के बीच वितरित किया गया था. उनका आरोप है कि वर्ष 2021 में तृणमूल कांग्रेस के कुछ नेताओं ने इस जमीन पर कब्जा कर लिया था, जिसके बाद गरीब परिवारों को अपने अधिकार के लिए कानूनी लड़ाई लड़नी पड़ी. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कई बार प्रशासन से शिकायत करने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई.
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प्रशासन की ओर से अब तक कोई प्रतिक्रिया नहीं
वामपंथी नेताओं का कहना है कि इसी कारण उन्होंने आंदोलन के तहत जमीन पर दोबारा कब्जा लेकर वहां खेती शुरू कराई और गरीब लोगों को उनकी जमीन वापस दिलाई. इस कार्यक्रम में वाम नेता सितांशु भट्टाचार्य, तारापद घोष, मानव साहा सहित क्षेत्र के बड़ी संख्या में वाम समर्थक और कार्यकर्ता मौजूद रहे. हालांकि, जमीन पर कब्जा वापस दिलाने और तृणमूल नेताओं पर लगाए गए आरोप वामपंथी नेताओं के दावे हैं. इन आरोपों पर तृणमूल कांग्रेस या प्रशासन की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है.
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