इस बार की ब्रिगेड रैली में वामो समर्थकों ने बुद्धदेव भट्टाचार्य को किया मिस

अस्वस्थ होने के बाद भी ऑडियो के माध्यम से अपनी बात समर्थकों तक पहुंचाते थे

अस्वस्थ होने के बाद भी ऑडियो के माध्यम से अपनी बात समर्थकों तक पहुंचाते थे कोलकाता. पूर्व मुख्यमंत्री बुद्धदेव भट्टाचार्य अब इस दुनिया में नहीं है. उनके बिना इस बार वाममोर्चा की ब्रिगेड रैली हुई. वाम समर्थकों ने बुद्धदेव भट्टाचार्य को मिस किया. पिछले वर्ष अगस्त में उनका निधन हो गया था. वह 2019 में अंतिम बार वाममोर्चा की ब्रिगेड रैली में शामिल हुए थे. उसके बाद से वह बीमार पड़ गये थे. अस्वस्थ रहने के कारण फिर कभी ब्रिगेड की सभा में नहीं जा सके. इसके पहले जब ब्रिगेड रैली हुई थी, तब पूर्व मुख्यमंत्री का ऑडियो समर्थकों को सुनाया जाता था. वह ऑडियो के माध्यम से अपनी बात समर्थकों के सामने रखते रहे थे. बीमार रहने के बाद भी ब्रिगेड में क्या कुछ हो रहा है, इस पर पूरी नजर रखते थे. अब उनकी सिर्फ यादें ही रह गयी हैं. उनकी पत्नी मीरा भट्टाचार्य ने कहा कि एक साल होने को है बुद्धबाबू दुनिया छोड़ कर चले गये. लेकिन लोग उन्हें अब भी याद करते हैं. पुरानी यादों को ताजा करते हुए उन्होंने कहा कि पहले जब ब्रिगेड रैली होती थी, तो वह घर में सिर्फ सुबह का खाना ही खाते थे. दिन में भोजन करने के लिए नहीं आते थे. समय से ब्रिगेड पहुंच जाते थे. उन्होंने कहा कि जब वाममोर्चा का शासन था, तब धर्म का इस तरह से विभाजन नहीं हुआ था. वाममोर्चा ने धर्म को लेकर कभी राजनीति नहीं की. केंद्र व राज्य सरकार की नीतियों की हुई आलोचना कोलकाता. चार वामपंथी संगठनों की ओर रविवार आयोजित ब्रिगेड रैली में भाजपा नीत केंद्र सरकार व पश्चिम बंगाल की तृणमूल कांग्रेस की नीतियों की जमकर आलोचना हुई. वामपंथी खेत-मजदूर संगठन की नेता वन्य टुडू ने आरोप लगाया कि मौजूदा केंद्र व राज्य सरकार के सत्ता में रहने के दौरान आम जनता त्रस्त है. श्रमिक, किसान, मजदूर व आम लोगों के अधिकारों का हनन हो रहा है. भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिल रहा है. जनविरोधी नीतियों को बढ़ावा देनेवाली ऐसी सरकारों के खिलाफ केवल वामपंथी ही लड़ाई करने में सक्षम हैं. वामपंथियों के हाथ और मजबूत करने की जरूरत है. राज्य में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव में वमपंथी ही बैट करेंगे और बॉलिंग भी और बंगाल की सत्ता से तृणमूल को बाहर कर देंगे.” किसान संगठन के नेता अमल हालदार, बस्ती विकास समिति के नेता सुखरंजन दे और निरापद दे ने भी दोनों ही सरकारों की नीतियों पर कटाक्ष करते हुए वामपंथियों को एकजूट होने का आह्वान किया है.

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Published by: Sandip tiwari

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