बंगाल : बारुईपुर पहुंचे नेताओं को लोगों ने खदेड़ा, गो बैक सायोनी के लगे नारे

बारुईपुर में स्कूली छात्रा के साथ क्रूर अत्याचार के बाद राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है. पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे नेताओं को स्थानीय लोगों के विरोध का सामना करना पड़ा.

बारुईपुर : छठी कक्षा की छात्रा के साथ हुए क्रूर अत्याचार से बंगाल की राजनीति में उबाल है. लगभग 48 घंटे बीत जाने के बाद भी घटना की जांच जारी है. इस बीच बंगाल के तमाम राजनीतिक दलों के नेताओं का बरुईपुर पहुंचना जारी है. मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी मंगलवार को बरुईपुर में पीड़ित परिवार से मिलने जा रहे हैं. इससे पहले नगर मंत्री अग्निमित्रा पाल, लॉकेट चटर्जी और अन्य सांसद और विधायक सुबह वहां पहुंचे. अग्निमित्रा ने बताया कि वे मुख्यमंत्री के प्रतिनिधि के रूप में गयीं हैं. बाद में, मुख्यमंत्री के निर्देश पर दो एनपीआई सांसद भी वहां पहुंचे

दो कारों में पहुंचे रीतब्रत और काकली

मंगलवार की सुबह करीब 10 बजे बारुईपुर की ओर दो कारें जाती हुई देखी गईं. एक कार में राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता रीतब्रत बनर्जी, पूर्व मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य (जो हाल ही में उनके खेमे में शामिल हुई थीं) और कोलकाता से तृणमूल की पूर्व पार्षद शिउली साहा सवार थीं. दूसरी कार में दो सांसद, काकली घोष दस्तीदार और सयानी घोष थीं. तृणमूल के टिकट पर चुनाव जीतने वाले इन दोनों सांसदों ने अब एनसीपीआई के साथ हाथ मिला लिया है और लोकसभा में एनडीए का समर्थन कर रहे हैं. कार देखकर लोग जमा होने लगे.

लोगों ने किया नेताओं का विरोध

लगभग एक ही समय पर, पांचों लोग बारुईपुर स्थित पीड़ित के घर पहुंचे. लोगों ने सबसे पहले, जादवपुर के सांसद सैनी घोष को घेरा. स्थानीय निवासियों ने विरोध प्रदर्शन किया. लोगों का कहना था कि सैनी दो दिन बाद क्यों आये हैं, जबकि यह उनका संसदीय क्षेत्र है. भीड़ ने कहा- तुम दो दिन बाद मुझसे मिलने आए, इतने समय से कहाँ थे. पहले क्यों नहीं आए.

सायाेनी को लेकर लोगों में गुस्सा

भीड़ का गुस्सा सायोनी घोष को लेकर भी दिखा. लोगों ने 'सायोनी वापस जाओ' के नारे लगाये. काकली को किसी तरह घर के अंदर जाने की अनुमति मिल गई. उसके साथ सायनी भी अंदर जा रही थी, लेकिन उसको रोक दिया गया. उन पर भी वही आरोप लगाए गए. बाद में उन्हें भी प्रवेश की अनुमति दे दी गई.

सैनी ने बताया बड़े गिरोह का हाथ

पत्रकारों से बात करते हुए सैनी ने कहा-बातचीत से मुझे जो समझ आया है, उससे लगता है कि इस घटना के पीछे एक बड़ा गिरोह है. इसे जड़ से खत्म करना होगा. मैं चाहता हूं कि इसके लिए कड़ी से कड़ी सजा दी जाए. मुख्यमंत्री काफी संवेदनशील हैं, मैं उनसे इस बारे में बात करूंगा.

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न्याय के लिए काकली करेंगी संघर्ष

काकली ने पत्रकारों से कहा- मुख्यमंत्री ने हमें परिवार के साथ रहने के लिए भेजा है. हम यह सुनिश्चित करने के लिए संघर्ष करेंगे कि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों. उन्होंने आरोपियों के लिए कड़ी सजा की मांग की. चंद्रिमा भट्टाचार्य ने भी मौत की सजा की मांग की. मुख्यमंत्री सुभेंदु अधिकारी ने आश्वासन दिया है कि सोमवार को अधिकतम सजा दी जाएगी.

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लेखक के बारे में

Published by: Ashish Jha

डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव. लगातार कुछ अलग और बेहतर करने के साथ हर दिन कुछ न कुछ सीखने की कोशिश. वर्तमान में बंगाल में कार्यरत. बंगाल की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को टटोलने के लिए प्रयासरत. देश-विदेश की घटनाओं और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स को सीखने की चाहत.

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