खास बातें
पश्चिम बंगाल के मुस्लिम युवाओं को भारत के खिलाफ ‘जिहाद’ के लिए तैयार करने वाले सैयद एम इदरीश को कोर्ट ने 10 साल की सजा सुनायी है. इदरीश पर आरोप है कि वह मुस्लिम युवाओं को लश्कर-ए-तैयबा में शामिल कराता था और पाकिस्तान प्रायोजिक कट्टरपंथ को बढ़ावा देता था. वह भारत में लश्कर मॉड्यूल चलाता था.
स्पेशल एनआईए कोर्ट ने सुनायी है सजा
कोलकाता की स्पेशल एनआईए कोर्ट ने उसे यह सजा सुनायी है. उस पर आरोप है कि पाकिस्तान के इशारे पर वह बंगाल में मुस्लिम युवाओं की लश्कर-ए-तैयबा में भर्ती करता था. उन्हें कट्टरपंथी बनाता था. बंगाल में लश्कर का मॉड्यूल चलाने वाले इस शख्स के अन्य साथियों के खिलाफ कोर्ट में सुनवाई जारी है.
लश्कर भर्ती मॉड्यूल केस में इदरीश को ठहराया दोषी
नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (एनआईए) के अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को बताया कि कोलकाता कोलकाता की स्पेशल एनआईए कोर्ट ने कर्नाटक के उत्तर कन्नड़ जिले के रहने वाले सैयद एम इदरीश को बुधवार को यह सजा सुनायी. उसे भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) और गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत लश्कर-ए-तैयबा भर्ती मॉड्यूल मामले में दोषी ठहराया गया था.
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एनआईए कोर्ट ने 70 हजार रुपए जुर्माना भी लगाया
एनआईए के अधिकारियों ने बताया कि स्पेशल कोर्ट ने आरोपी पर 70,000 रुपए का जुर्माना भी लगाया है. अप्रैल 2020 में जांच एजेंसी ने इस मामले को पश्चिम बंगाल पुलिस से अपने हाथ में लिया था. एजेंसी ने इदरीश को एक अन्य व्यक्ति के साथ गिरफ्तार किया था.
लश्कर की सदस्य तानिया परवीन को भी किया गया था गिरफ्तार
अधिकारियों ने बताया कि लश्कर-ए-तैयबा की एक अन्य सदस्य तानिया परवीन को पश्चिम बंगाल पुलिस ने मार्च 2020 में उत्तर 24 परगना जिले के बादुरिया से गिरफ्तार किया था. उसके पास से आतंकवाद को बढ़ावा देने वाली ऐसी प्रचार सामग्री मिली थी, जिनमें मुस्लिम युवाओं को भारत के खिलाफ ‘जिहाद’ में शामिल होने के लिए उकसाया गया था. इसी केस में अन्य आरोपियों के खिलाफ सुनवाई जारी है.
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