कोलकाता पुलिस को जल्द मिलेगी आधुनिक ‘त्रिची’ असॉल्ट राइफल

नयी राइफल का सबसे बड़ा लाभ इसका हल्का वजन है.

थ्री-नॉट-थ्री राइफलों की होगी चरणबद्ध विदाई कोलकाता. कोलकाता पुलिस को कई दशक पुरानी थ्री-नॉट-थ्री राइफलों की जगह जल्द ही आधुनिक ‘त्रिची’ असॉल्ट राइफलों से लैस किया जा सकता है. सूत्रों के अनुसार ऑर्डनेंस फैक्टरी तिरुचिरापल्ली में तैयार यह नयी राइफल अगले वर्ष की शुरुआत से चरणबद्ध तरीके से पुलिस बल को सौंपी जायेगी. नयी राइफल का सबसे बड़ा लाभ इसका हल्का वजन है. पुरानी थ्री-नॉट-थ्री राइफल जहां लगभग 5.5 किलो वजनी होती है, वहीं त्रिची राइफल करीब दो किलो हल्की है. इसमें एकल फायर और बर्स्ट दोनों मोड उपलब्ध हैं और यह लगभग 500 मीटर दूर तक सटीक निशाना साधने में सक्षम है. मॉड्यूलर डिजाइन, फोल्डिंग बट और हल्के ढांचे की वजह से यह गश्त और सुरक्षा ड्यूटी के लिए अत्यंत उपयुक्त मानी जा रही है. कोलकाता पुलिस पिछले कुछ वर्षों से पुरानी राइफलों को हटाकर आइएनएसएएस और एसएलआर जैसे आधुनिक विकल्पों की ओर बढ़ रही थी. अब त्रिची राइफल को शामिल करना अधिकारियों के मुताबिक एक आवश्यक कदम है. केंद्रीय बलों और कई राज्यों की पुलिस पहले से ही इस राइफल का इस्तेमाल कर रही है. जानकारी यह भी है कि कोलकाता पुलिस इच्छापुर राइफल फैक्टरी से करीब 200 स्वचालित 9 मिमी पिस्तौल खरीदने की योजना बना रही है. इसके अलावा मध्य प्रदेश के टेकनपुर स्थित टियर स्मोक यूनिट से गैर-घातक गोला-बारूद की खरीद पर भी विचार हो रहा है. अधिकारियों का मानना है कि इस तरह के आधुनिक हथियार न केवल बल की परिचालन क्षमता बढ़ाते हैं, बल्कि मैदान में तैनात कर्मियों का मनोबल भी ऊंचा करते हैं. सशस्त्र अपराधियों या आतंकी खतरे से निपटने के लिए उन्नत हथियार आवश्यक हैं, और इनके मिलने से पुलिसकर्मी अधिक आत्मविश्वास के साथ अपनी जिम्मेदारी निभा पायेंगे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: GANESH MAHTO

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >