कबड्डी खिलाड़ी कंवर दिग्विजय सिंह हत्याकांड में तीन गिरफ्तार, हावड़ा स्टेशन के पास से पुलिस ने दबोचा
Kolkata news: भारी सुरक्षा के बीच तीनों को सोमवार को हावड़ा कोर्ट में पेश किया गया, जहां मजिस्ट्रेट ने सभी आरोपियों को ट्रांजिट रिमांड पर पंजाब पुलिस को सौंप दिया.
मुख्य बातें
Kolkata news: हावड़ा. कबड्डी खिलाड़ी कंवर दिग्विजय सिंह हत्या के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है. इस मामले में कोलकाता से हत्या के तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया गया है. बंगाल पुलिस की मदद से पंजाब के एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स (एजीटीएफ) ने हावड़ा सिटी पुलिस के सहयोग से तीन गैंगस्टर को गोलाबाड़ी इलाके से गिरफ्तार कर लिया. गिरफ्तार हुए आरोपियों में तरनदीप सिंह, आकाशदीप सिंह और करण पाठक शामिल हैं. इन तीनों पर पंजाब के मोहाली के सोहाना गांव में कबड्डी मैच के दौरान सेल्फी लेने के बहाने कबड्डी खिलाड़ी कंवर दिग्विजय सिंह उर्फ राणा बलाचौरिया की गोली मारकर हत्या कर देने का आरोप है.
पंजाब पुलिस को मिली तीन दिनों की ट्रांजिट रिमांड
पंजाब पुलिस की माने तो आकाशदीप और करण शॉर्प शूटर हैं, जबकि तीसरा आरोपी टिपर है. तीनों को हावड़ा के सीजेएम कोर्ट में पेश किया गया, जहां मजिस्ट्रेट ने सभी आरोपियों को तीन दिनों की ट्रांजिट रिमांड पर पंजाब पुलिस को सौंप दिया. पंजाब पुलिस इन तीनों को लेकर मोहाली के लिए रवाना हो गयी है. इस घटना के बाद पंजाब पुलिस को तीन आरोपियों की तलाश थी. पुलिस को पता चला कि ये तीनों हावड़ा स्टेशन के पास किसी होटल में ठहरे हुए हैं. पंजाब पुलिस की टीम हावड़ा पहुंची और गोलाबाड़ी थाने से संपर्क साधा. बताया जा रहा है कि, ये तीनों यहां से भागने की फिराक में थे कि इससे पहले ही पुलिस ने तीनों को दबोच लिया.
क्या है घटना
जानकारी के अनुसार, मोहाली के सोहाना में पिछले वर्ष 15 दिसंबर को कबड्डी कप चल रहा था. राणा कबड्डी को प्रमोट करने आये थे. इसी दौरान बोलेरो पर सवार तीन युवक वहां पहुंचे और खुद को प्रशंसक बताते हुए सेल्फी लेने की बात कही और फिर पास में आकर उनके सिर पर गोली मार दी. कबड्डी खिलाड़ी की हत्या के बाद पंजाब एजीटीएफ की ओर से छापेमारी जारी थी. इस घटना में पहले भी एक गिरफ्तारी हो चुकी है. पंजाब एजीटीएफ के डीएसपी राजन परमिंदर सिंह ने कहा कि इस ऑपरेशन को सफल बनाने में हावड़ा सिटी पुलिस ने काफी सहयोग किया है. तीनों को मोहाली ले जाकर पूछताछ की जायेगी और बाकी आरोपियों को गिरफ्तार किया जायेगा. इस गिरोह का सिद्धू मूसेवाला या लॉरेंस बिश्नोई गैंग से कोई संपर्क नहीं है. यह पूरी तरह से एक अलग गैंग है.
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