खास बातें
Kolkata Bakrid Celebration 2026: पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में बृहस्पतिवार को ईद अल-अजहा (बकरीद) का त्योहार पूरी अकीदत और शांति के साथ मनाया गया. हालांकि, इस साल सिटी ऑफ जॉय में एक बड़ा बदलाव देखने को मिला. राज्य की नयी भाजपा सरकार के निर्देशों का पालन करते हुए प्रशासन ने सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर नमाज अदा करने पर पूर्ण पाबंदी लागू रखी. इसके परिणामस्वरूप, दशकों से चले आ रहे रेड रोड के पारंपरिक आयोजन स्थल को बदलकर ब्रिगेड परेड ग्राउंड कर दिया गया. प्रशासन और मुस्लिम समुदाय के बीच बेहतर समन्वय की वजह से न तो यातायात बाधित हुआ और न ही आम जनजीवन पर कोई असर पड़ा.
रेड रोड नहीं, ब्रिगेड परेड ग्राउंड बना इबादत का केंद्र
कोलकाता खिलाफत कमेटी द्वारा आयोजित मुख्य नमाज इस बार ऐतिहासिक रेड रोड के बजाय ब्रिगेड परेड ग्राउंड में हुई. वैकल्पिक स्थल होने के बावजूद हजारों अकीदतमंद नमाज के लिए जमा हुए. टीएमसी विधायक और कमेटी के प्रमुख जावेद खान ने वैकल्पिक व्यवस्था के लिए शुभेंदु सरकार और प्रशासन का शुक्रिया अदा किया. उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण नमाज के लिए सरकार ने बेहतरीन इंतजाम किये थे.
मस्जिदों में ‘शिफ्ट’ हुआ सिस्टम, सड़कों पर नहीं आयी भीड़
पुलिस प्रशासन ने यातायात को सुचारु बनाये रखने के लिए एक विशेष रणनीति अपनायी थी. स्थानीय मस्जिदों में नमाज के वक्त को कई पालियों (Shifts) में बांटा गया था. इससे एक ही समय में सड़क पर भीड़ जमा नहीं हुई. पुलिस ने बताया कि नमाज के दौरान शहर के किसी भी प्रमुख मार्ग पर जाम की स्थिति पैदा नहीं होने दी गयी. प्रमुख मस्जिदों और ईदगाहों के बाहर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा. वरिष्ठ अधिकारी खुद ड्रोन और सीसीटीवी के जरिये स्थिति पर नजर रख रहे थे.
बंगाल की खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
टीपू सुल्तान मस्जिद के बाहर दिखी गंगा-जमुनी तहजीब
कोलकाता के मध्य में स्थित ऐतिहासिक टीपू सुल्तान मस्जिद के बाहर एक भावुक दृश्य देखने को मिला. नमाज खत्म होने के बाद वहां के मौलवियों ने ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों को फूल और मिठाइयां भेंट कीं. मौलवियों ने कहा कि पुलिस ने जिस तरह से चिलचिलाती धूप में व्यवस्था संभाली और त्योहार को शांतिपूर्ण बनाया, उसके लिए वे धन्यवाद के पात्र हैं. पुलिसकर्मियों ने भी इस पहल का स्वागत किया और सभी को बकरीद की मुबारकबाद दी.
Kolkata Bakrid Celebration: सड़कों पर नमाज पर रोक
सरकार का स्पष्ट निर्देश था कि धार्मिक गतिविधियों से सार्वजनिक जीवन में बाधा नहीं आनी चाहिए. पहले रेड रोड पर बड़े पैमाने पर नमाज होती थी. इससे सेंट्रल कोलकाता का ट्रैफिक पूरी तरह ठप हो जाता था. लेकिन नयी नीति के तहत प्रशासन ने यह सुनिश्चित किया कि धार्मिक सभाएं केवल चिह्नित मैदानों या परिसरों के भीतर ही हों. मुस्लिम समुदाय ने भी इस बदलाव को सकारात्मक रूप से स्वीकार किया, जिससे राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति सामान्य बनी रही.
इसे भी पढ़ें
बंगाल में सड़कों पर नमाज और पत्थरबाजी बर्दाश्त नहीं, गौ-तस्करों पर भी शिकंजा कसेगी शुभेंदु सरकार
शुभेंदु अधिकारी के फैसले से बांग्लादेश में हलचल, भारतीय सीमा पर हाई अलर्ट
