जेयू ने इंजीनियरिंग में दाखिले को विकेंद्रीकृत प्रवेश की मांगी अनुमति

जादवपुर यूनिवर्सिटी (जेयू) ने स्नातक इंजीनियरिंग पाठ्यक्रमों में दाखिले के लिए एक स्वतंत्र स्पॉट काउंसलिंग राउंड आयोजित करने की अनुमति के लिए राज्य के उच्च शिक्षा विभाग से संपर्क किया है.

संवाददात, कोलकाता.

जादवपुर यूनिवर्सिटी (जेयू) ने स्नातक इंजीनियरिंग पाठ्यक्रमों में दाखिले के लिए एक स्वतंत्र स्पॉट काउंसलिंग राउंड आयोजित करने की अनुमति के लिए राज्य के उच्च शिक्षा विभाग से संपर्क किया है. यह कदम पश्चिम बंगाल संयुक्त प्रवेश परीक्षा बोर्ड (डब्ल्यूबीजेइइबी) द्वारा अपनायी जाने वाली केंद्रीकृत प्रक्रिया को दरकिनार करने के उद्देश्य से उठाया गया है. जेयू के इंजीनियरिंग और टेक्नोलॉजी के डीन सरोज मंडल ने विभाग के तकनीकी शिक्षा निदेशक को संबोधित एक पत्र में पश्चिम बंगाल संयुक्त प्रवेश परीक्षा (डब्ल्यूबीजेइइ) 2025 के परिणाम घोषित होने के तुरंत बाद, ऑन-स्पॉट विकेंद्रीकृत प्रवेश के एकल दौर के संचालन को मंजूरी देने का अनुरोध किया है. यह प्रस्ताव डब्ल्यूबीजेइइ के नतीजों के प्रकाशन में हो रही देरी के बीच आया है. हालांकि प्रवेश परीक्षा 27 अप्रैल को आयोजित की गयी थी, लेकिन ओबीसी आरक्षण से जुड़ी कानूनी जटिलताओं के कारण अभी तक परिणाम घोषित नहीं हो पाये हैं. विश्वविद्यालय के अधिकारियों को डर है कि पिछले साल की तुलना में चार हफ्ते से ज्यादा की देरी पहले से ही लंबे प्रवेश कार्यक्रम को और बिगाड़ सकती है. वर्तमान में जेयू केंद्रीकृत काउंसलिंग प्रणाली के माध्यम से डब्ल्यूबीजेइइ जनरल मेरिट रैंक (जीएमआर) और आरक्षण मानदंडों के आधार पर छात्रों को प्रवेश देता है, जिसमें लगभग पांच से छह हफ्ते लगते हैं.

खाली सीटों को भरने के लिए जेयू के अपने विकेंद्रीकृत स्पॉट राउंड में अतिरिक्त चार हफ्ते लगते हैं. इसके बाद एआइसीटीइ द्वारा अनिवार्य तीन हफ्ते का स्टूडेंट इंडक्शन कार्यक्रम होता है, जिसके बाद ही प्रथम वर्ष की नियमित कक्षाएं शुरू हो पाती हैं.

डीन के पत्र में कहा गया है कि पिछले साल भी उपरोक्त सभी प्रवेश औपचारिकताएं पूरी होने के बाद प्रथम वर्ष की कक्षाएं नवंबर की शुरुआत में ही शुरू हो पायी थीं, जिससे पढ़ाई के लिए काफी कम समय बचता था. परिणामस्वरूप, प्रथम वर्ष के छात्रों के पठन-पाठन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा और सैद्धांतिक विषयों में बड़ी संख्या में पूरक परीक्षाएं हुईं.

इस बीच, जादवपुर विश्वविद्यालय शिक्षक संघ (जेयूटीए) ने भी हाल ही में प्रो-वीसी को एक प्रतिनिधिमंडल सौंपकर इस मामले में हस्तक्षेप का आग्रह किया है. जेयूटीए के महासचिव पार्थ प्रतिम रे ने कहा कि इस देरी के कारण, इंजीनियरिंग प्रवेश और शैक्षणिक सत्र अधर में लटके हुए हैं. उन्होंने आगे कहा कि मेधावी छात्र राज्य के बाहर के संस्थानों का रुख कर रहे हैं और कई वंचित लेकिन प्रतिभाशाली छात्र जेयू में अध्ययन करने का अवसर गंवा सकते हैं, जो कम लागत वाली, उच्च-गुणवत्ता वाली शिक्षा प्रदान करता है. उनका कहना है कि प्रो-वीसी ने डब्ल्यूबीजेइइबी को पत्र लिखकर शैक्षणिक कैलेंडर में और अधिक कमी से बचने के लिए तुरंत परिणाम जारी करने का अनुरोध किया है.

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