जादवपुर विश्वविद्यालय में हिंसा पर गरमायी राजनीति, दिलीप घोष बोले- कैंपस में सक्रिय हैं राष्ट्रविरोधी समूह

Jadavpur University Violence: जादवपुर विश्वविद्यालय में एबीवीपी और वामपंथी छात्रों की झड़प के बाद मंत्री दिलीप घोष ने कहा है कि कैंपस में कुछ राष्ट्रविरोधी समूह सक्रिय हैं. उन्होंने इसके लिए वीसी को जिम्मेदार ठहराते हुए राष्ट्र-विरोधी गतिविधियों पर रोक की मांग की है.

Jadavpur University Violence: कोलकाता के जादवपुर विश्वविद्यालय (JU) परिसर में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) और वामपंथी छात्र संगठनों के बीच हुई हिंसक झड़प के बाद राज्य की राजनीति गरमा गयी है. पश्चिम बंगाल के मंत्री दिलीप घोष ने विश्वविद्यालय प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाये हैं. उन्होंने कहा कि कैंपस में कुछ समूह सक्रिय रूप से ‘राष्ट्रविरोधी और समाज-विरोधी गतिविधियों’ में शामिल हैं. इन समूहों पर तत्काल रोक लगनी चाहिए.

दिलीप घोष के बयान और आरोपों के 4 मुख्य बिंदु

  1. कुलपति की जिम्मेदारी तय हो : दिलीप घोष ने कहा कि विश्वविद्यालय का संचालन राज्य सरकार करती है. इसके कैंपस में हो रही किसी भी अप्रिय या राष्ट्र-विरोधी गतिविधि की सीधी जिम्मेदारी वहां के कुलपति (VC) को लेनी होगी.
  2. वीआईपी और राज्यपाल से बदसलूकी का जिक्र : दिलीप घोष ने आरोप लगाया कि यह पहली बार नहीं है, जब कैंपस में ऐसा हुआ है. इससे पहले राज्य के राज्यपाल और पूर्व केंद्रीय मंत्री बाबुल सुप्रियो के साथ भी विश्वविद्यालय कैंपस में अभद्रता की जा चुकी है.
  3. राष्ट्र-विरोधी नारों पर रोक की मांग : पश्चिम बंगाल सरकार के मंत्री दिलीप घोष ने कहा कि शिक्षण संस्थानों को राजनीतिक अखाड़ा या राष्ट्र-विरोधी गतिविधियों का केंद्र नहीं बनने दिया जा सकता. ऐसे समूहों पर लगाम लगाना बेहद जरूरी है.
  4. हिंसा की निष्पक्ष जांच : घोष ने स्वीकार किया कि छात्र राजनीति में मतभेद और तनाव स्वाभाविक हैं, लेकिन पुलिस को बृहस्पतिवार को हुई हिंसा और आगजनी के मामले की गहराई से जांच कर सच सामने लाना चाहिए.

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FETSU की बैठक में शुरू हुआ विवाद

विश्वविद्यालय सूत्रों के अनुसार, विवाद की शुरुआत बुधवार को ‘फैकल्टी ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी स्टूडेंट्स यूनियन’ (FETSU) की एक बैठक के दौरान हुई. विवाद देर रात तक जारी रहा. बृहस्पतिवार को यह विवाद ABVP और वामपंथी झुकाव वाले छात्र गुटों के बीच सीधी झड़प में बदल गया. दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर बाहरी तत्वों को बुलाने के आरोप लगाये हैं.

हिंसा में घायल हुए कई छात्र

इस हिंसा में कई छात्र घायल हो गये, जिन्हें नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया. कैंपस में कई जगहों पर आगजनी भी देखने को मिली. घटना के बाद कुलपति चिरंजीव भट्टाचार्य ने मामले की जांच के लिए एक विशेष समिति के गठन का ऐलान किया है. शाम के बाद कैंपस में बाहरी लोगों के प्रवेश पर रोक लगा दी है.

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By मिथिलेश झा

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