बांकुड़ा: टिन शेड पर गिरी लोहे की मचान, दो की गयी जान

सोमवार शाम काल बैसाखी के दौरान आंधी-बारिश के बीच टिन शेड पर लोहे की मचान गिरने से दो श्रमिकों की मौत हो गयी और एक शख्स गंभीर रूप से घायल हो गया.

प्रतिनिधि, बांकुड़ा सोमवार शाम काल बैसाखी के दौरान आंधी-बारिश के बीच टिन शेड पर लोहे की मचान गिरने से दो श्रमिकों की मौत हो गयी और एक शख्स गंभीर रूप से घायल हो गया. यह हादसा डीवीसी की मेजिया विद्युत परियोजना में हुआ, जहां निर्माण कार्य चल रहा था. सोमवार शाम को अचानक मौसम बदला. तेज हवाओं और बिजली की गर्जना के बीच कुछ निर्माण श्रमिक एक टिन शेड के नीचे शरण लिये हुए थे. इसी दौरान एक निर्माण कंपनी द्वारा बनायी जा रही चिमनी के ऊपर की लोहे की प्लेटों से बनी मचान उड़कर उस टिन शेड पर जा गिरी. मचान सीधे शेड के नीचे बैठे श्रमिकों पर आ गिरी. तीन श्रमिक दब गये. थोड़ी दूरी पर मौजूद एक अन्य शेड में छिपे शांतिमय दास और उज्ज्वल ढांग ने बताया कि मौसम की तेज आवाजों के कारण न तो किसी को कुछ समझ में आया और न ही किसी की चीख सुनाई दी. जैसे ही हवा रुकी, लोगों ने शोर सुनकर टिन हटाना शुरू किया. नीचे तीन श्रमिक बुरी तरह घायल अवस्था में मिले. तत्काल एमटीपीएस अस्पताल से एंबुलेंस बुलायी गयी और तीनों को वहां ले जाया गया. डॉक्टरों ने दो को मृत घोषित कर दिया. घायल कर्मचारी कृष्ण पाल को दुर्गापुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है. पुलिस ने मृतकों की पहचान प्रेम शंकर (31) और कुमार पाल (19) के रूप में की है. दोनों उत्तर प्रदेश के बरेली जिले के निवासी थे. कंपनी ने मुआवजे का दिया भरोसा, लेकिन नहीं थमा विरोध: यह परियोजना डीवीसी के प्रदूषण नियंत्रण के लिए चलायी जा रही एफजीडी योजना का हिस्सा है, जिसे लार्सन एंड टूब्रो नामक कंपनी को सौंपा गया था. कंपनी के अधिकारी उज्जवल मजूमदार ने कहा: हम पिछले चार वर्षों से यह कार्य कर रहे हैं. अब तक कोई दुर्घटना नहीं हुई थी. यह घटना अकल्पनीय है. नियमों के तहत मृतकों के परिजनों को मुआवजा दिया जायेगा और घायल के इलाज का पूरा खर्च कंपनी वहन करेगी. हालांकि, इन आश्वासनों के बावजूद श्रमिकों में आक्रोश कम नहीं हुआ. मंगलवार सुबह ठेका श्रमिकों के एक समूह ने मेजिया थर्मल पावर प्लांट के गेट नंबर 2 के सामने विरोध प्रदर्शन किया. भाजपा समर्थित श्रमिक नेता पलाश माजी ने इसका नेतृत्व किया. उन्होंने मांग की कि मृतकों के परिजनों और घायल को उचित मुआवजा दिया जाये और श्रमिक सुरक्षा के लिये कड़े कदम उठाये जायें ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों. पलाश माजी ने बताया कि विरोधस्वरूप श्रमिकों ने मंगलवार को काम पर जाना बंद कर दिया. इस बीच, तृणमूल मजदूर यूनियन के जिला अध्यक्ष रथीन बनर्जी ने कहा कि भाजपा इस हादसे पर राजनीति कर रही है. उन्होंने सवाल किया कि दुर्घटना के समय और डीवीसी अधिकारियों के साथ चर्चा के वक्त भाजपा के नेता कहां थे. रथीन बनर्जी ने बताया कि डीवीसी अधिकारियों की मध्यस्थता से ठेका एजेंसी ने मृतकों के परिजनों को 15 लाख रुपये मुआवजा और अंतिम संस्कार के लिए 50 हजार रुपये अतिरिक्त देने का वादा किया है.

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