शिक्षक को आठ सप्ताह में पेंशन व भत्ता देने का हाइकोर्ट ने दिया निर्देश

पीड़ित का आरोप था कि मालदा के उक्त स्कूल में वह उपरोक्त अवधि तक कार्यरत था.

कोलकाता. एक मामले की सुनवाई करते हुए कलकत्ता हाइकोर्ट ने कहा कि माध्यमिक शिक्षा पर्षद द्वारा अनुमोदित एनटीपीसी स्कूल के शिक्षाकर्मी पेंशन पाने के हकदार हैं. न्यायाधीश सौगत भट्टाचार्य ने मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि शिकायतकर्ता ने स्कूल में जितने दिनों तक (सात अप्रैल 1993 से चार जुलाई 2002) काम किया है, उस दिन से ही पेंशन सुविधा पर विचार करना उचित है. क्योंकि उक्त स्कूल माध्यमिक शिक्षा पर्षद द्वारा अनुमोदित है. पीड़ित का आरोप था कि मालदा के उक्त स्कूल में वह उपरोक्त अवधि तक कार्यरत था. इसके बाद वह बीरभूम के डॉ सुधाकृष्ण जूनियर हाइस्कूल व जिले के केदारपुर बीएन हाइस्कूल के प्रधानाध्यापक हुए. पिछले वर्ष 31 जनवरी को सेवानिवृत्त हुए. जब उन्होंने रिटायरमेंट के बाद भत्ते के लिए आवेदन किया तो सरकार ने कहा कि एनटीपीसी में जब वह काम कर रहे थे, उस समय का भत्ता नहीं मिल सकता है.

सरकार के इस फैसले को उन्होंने अदालत में चुनौती दी. अदालत ने आठ सप्ताह के भीतर उन्हें पेंशन व भत्ता देने का निर्देश दिया.

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