गंगासागर मेले से पहले नामखाना में बढ़ी सतर्कता, सीमा व जलमार्गों पर कड़ी चौकसी

बांग्लादेश में एक बार फिर हालात बिगड़ने के बीच भारत-बांग्लादेश सीमा पर संभावित घुसपैठ की आशंका बढ़ गयी है. इसे देखते हुए सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) और भारतीय तटरक्षक बल ने सीमा क्षेत्रों और जलमार्गों पर निगरानी व गश्त तेज कर दी है.

निगरानी. पड़ोसी देश बांग्लादेश में हालात के मद्देनजर बीएसएफ और तटरक्षक बल अलर्ट

संवाददाता, कोलकाता

बांग्लादेश में एक बार फिर हालात बिगड़ने के बीच भारत-बांग्लादेश सीमा पर संभावित घुसपैठ की आशंका बढ़ गयी है. इसे देखते हुए सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) और भारतीय तटरक्षक बल ने सीमा क्षेत्रों और जलमार्गों पर निगरानी व गश्त तेज कर दी है. उधर, आगामी गंगासागर मेले को लेकर राज्य सरकार ने भी सुरक्षा व्यवस्था के व्यापक इंतजाम शुरू कर दिए हैं. नामखाना क्षेत्र में भी सतर्कता बढ़ा दी गयी है. सूत्रों के मुताबिक, कुछ दिन पहले नबान्न में गंगासागर मेले को लेकर हुई उच्चस्तरीय बैठक के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के निर्देश पर इस बार मेले के दौरान करीब 15 हजार पुलिसकर्मियों की तैनाती का फैसला लिया गया है. सुरक्षा व्यवस्था की मुख्य जिम्मेदारी सुंदरबन जिला पुलिस को सौंपी गयी है. नये साल की शुरुआत में मुख्यमंत्री स्वयं गंगासागर मेले की तैयारियों का जायजा लेने पहुंच सकती हैं, जिसे देखते हुए प्रशासनिक गतिविधियां और तेज कर दी गयी हैं. इसी क्रम में शुक्रवार दोपहर सुंदरबन पुलिस जिले के एसपी डॉ कोटेश्वर राव ने नामखाना स्टेशन, हातानिया-दोआनिया नदी घाट और आसपास के इलाकों का निरीक्षण किया. इस दौरान सागर के एसडीपीओ सुमन कांति घोष, नामखाना थाने के ओसी विभास सरकार सहित कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौजूद थे. निरीक्षण के दौरान जलमार्गों की सुरक्षा, घाटों की स्थिति और भीड़ नियंत्रण की तैयारियों की समीक्षा की गयी. पुलिस-प्रशासन के अनुसार, नदी मार्गों पर स्पीडबोट और लॉन्च के माध्यम से लगातार गश्त की जा रही है. इसके साथ ही सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन से भी निगरानी रखी जा रही है. राज्य प्रशासन की ओर से बीएसएफ और तटरक्षक बल के साथ लगातार समन्वय बनाये रखा जा रहा है. मेले के दौरान तटरक्षक बल छोटे जहाजों के साथ-साथ होवरक्राफ्ट के जरिये भी निगरानी करेगा. सूत्रों के अनुसार, गंगासागर क्षेत्र में हेलिकॉप्टर, एयरक्राफ्ट और ड्रोन के माध्यम से हवाई निगरानी की भी योजना है. सुरक्षा व्यवस्था में विशेष रूप से देश के विभिन्न हिस्सों से आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षा पर जोर दिया जा रहा है. सुंदरबन क्षेत्र के सभी प्रमुख घाटों पर पुलिस की ओर से नाका जांच शुरू कर दी गयी है. प्रशासन का दावा है कि किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तैयारी की जा रही है.

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By AKHILESH KUMAR SINGH

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