खास बातें
IMD Weather Alert: पश्चिम बंगाल में दक्षिण-पश्चिम मानसून ने मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल दिया है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने उत्तर बंगाल के पहाड़ी और तराई वाले इलाकों के लिए अत्यंत भारी और ‘खतरनाक’ बारिश की चेतावनी जारी की है. तीस्ता, तोर्सा और जलढाका जैसी प्रमुख नदियां खतरे के निशान के पास बह रही हैं. भारी बारिश के चलते दार्जिलिंग में भू-स्खलन की घटनाएं सामने आयी हैं, जिससे कई पहाड़ी संपर्क मार्ग पूरी तरह ठप हो गये हैं.
अलीपुरदुआर और जलपाईगुड़ी के लिए रेड अलर्ट
मौसम विभाग के क्षेत्रीय निदेशक के अनुसार, बंगाल की खाड़ी से आ रही तेज नम हवाओं और अनुकूल वायुमंडलीय परिस्थितियों के कारण रविवार तक उत्तर बंगाल में मानसून अत्यंत आक्रामक रहेगा. मौसम विभाग ने अलीपुरदुआर और जलपाईगुड़ी जिलों के लिए ‘रेड अलर्ट’ जारी करते हुए निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है. इसके अलावा दार्जिलिंग, कलिम्पोंग और कूचबिहार में भी भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जतायी गयी है.
कोलकाता में मानसून की पहली जोरदार बारिश से जलजमाव
राजधानी कोलकाता में 11 जून को मानसून के प्रवेश करने के बाद से 6 दिनों तक सूखा रहा. इसके बाद शुक्रवार और शनिवार को हुई मूसलाधार बारिश ने शहर को तर-ब-तर कर दिया. जोरदार बारिश से कोलकाता के श्यामबाजार, हाथीबागान, सेंट्रल एवेन्यू और गरियाहाट जैसे निचले इलाकों जलजमाव हो गया. सड़कों पर घुटनों तक पानी भर जाने की वजह से दफ्तर जाने वाले लोगों और स्कूली के बच्चों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा.
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IMD Weather Alert: दक्षिण बंगाल में चक्रवात का कोई खतरा नहीं, पर उमस और वज्रपात की चेतावनी
मौसम विभाग ने कहा है कि बंगाल की खाड़ी में फिलहाल किसी चक्रवाती तूफान (Cyclone) का कोई खतरा नहीं है. हालांकि, कोलकाता सहित दक्षिण बंगाल के जिलों जैसे हुगली, हावड़ा, नदिया, मुर्शिदाबाद और 24 परगना में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज आंधी और लगातार बिजली चमकने (वज्रपात) की आशंका है. हवा में अत्यधिक नमी होने के कारण लोगों को उमस और बेचैनी का सामना करना पड़ेगा.
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