निकाय नियुक्ति घोटाला. सीबीआइ की पूरक चार्जशीट में आरोप
एक आइएएस अधिकारी को भी बताया आरोपी, अयन शील की एक कंपनी का भी है नाम
संवाददाता, कोलकाताराज्य की विभिन्न नगरपालिकाओं में नियुक्ति घोटाले में सीबीआइ ने शुक्रवार को अलीपुर कोर्ट स्थित विशेष सीबीआइ अदालत में पूरक चार्जशीट पेश की. अपनी चार्जशीट में सीबीआइ ने दावा किया है कि राज्य की आठ नगरपालिकाओं में विभिन्न पदों पर नियुक्ति में व्यापक धांधली हुई है. करीब 600 से अधिक पदों पर नियुक्तियां अवैध रूप से हुईं. अदालत सूत्र बताते हैं कि इस चार्जशीट में एक आइएएस अधिकारी का भी नाम शामिल है. इसके अलावा चार्जशीट में अयन शील की एक कंपनी के नाम का भी उल्लेख है. पता चला है कि चार्जशीट में राज्य के आइएएस अधिकारी ज्योतिष्मान चटर्जी को आरोपी बताया गया है. ज्योतिष्मान चटर्जी डायरेक्टरेट ऑफ लोकल बॉडीज (डीएलबी) में एक अहम पद पर नियुक्त थे. वह वर्ष 2017 से 2019 तक नगरपालिका और शहरी विकास विभाग में नियुक्त थे. उन्हें सितंबर 2018 में निदेशक बनाया गया था. गौरतलब है कि नियुक्ति को निकाय और शहरी विकास विभाग का डीएलबी फाइनल करता है. डीएलबी यह भी देखता है कि किसे नौकरी मिलेगी. जांचकर्ताओं के मुताबिक, इसी दौरान मौका मिलने पर ज्योतिष्मान चटर्जी निकाय नियुक्ति घोटाले में शामिल हो गये. जांचकर्ताओं को उनके घर से कई जरूरी दस्तावेज भी मिले. इसके आधार पर चार्जशीट में ज्योतिष्मान के नाम का उल्लेख किया गया.क्या है मामला
गौरतलब है कि इससे पहले गिरफ्तार अयन शील से मिली जानकारी के बाद प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और सीबीआइ ने निकाय नियुक्तियों में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार होने का आरोप लगाया था. सीबीआइ ने नियुक्ति घोटाले की जांच की शुरुआत में ही अयन शील को मुख्य आरोपी के तौर पर गिरफ्तार किया था. उस पर अपने लोगों को नौकरी दिलाने के लिए अलग-अलग नगरपालिकाओं को प्रभावित करने का आरोप है. बाद में, इस केस की जांच के दौरान ईडी ने चुंचुड़ा और कोलकाता में उसके घर और ऑफिस पर छापेमारी की और 100 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की थी. इन सभी आरोपों की जांच के बाद केंद्रीय जांच एजेंसी ने यह चार्जशीट पेश की.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
