खास बातें
I-PAC Raid Case: पॉलिटिकल एडवाइजरी कंपनी आई-पैक के ठिकानों पर रेड के मामले में वरिष्ठ भाजपा नेता गिरिराज सिंह ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को जेल भेजने की मांग की है. दूसरी तरफ, इसी मामले में सुप्रीम कोर्ट ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की याचिका पर सुनवाई 10 फरवरी तक के लिए स्थगित कर दी है.
छापेमारी के बीच दस्तावेज ले गयीं थीं ममता बनर्जी – सिंह
केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने मंगलवार को कहा कि कोलकाता में पिछले महीने आई-पैक के ऑफिस और इस कंपनी के डायरेक्टर प्रतीक जैन के आवास पर ईडी की टीम ने छापेमारी की थी. छापेमारी के बीच से मनी लाउंडरिंग (धनशोधन) केस के सबूत कथित तौर पर बंगाल की चीफ मिनिस्टर अपने साथ ले गयीं. इसके लिए उन्हें (ममता बनर्जी को) जेल भेजा जाना चाहिए.
एसआईआर में 98-99% सरकारी अधिकारियों को ममता ने टीएमसी कार्यकर्ता बना दिया – गिरिराज सिंह
चुनाव आयोग और केंद्र सरकार पर ममता बनर्जी के आरोपों पर केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि यह चोरी और सीना जोरी करने जैसा है. एसआईआर के दौरान ममता बनर्जी ने 98-99 प्रतिशत सरकारी अधिकारियों को टीएमसी का कार्यकर्ता बना दिया. निर्वाचन आयोग को किसी भी अधिकारी को पर्यवेक्षक नियुक्त करने की आजादी है, लेकिन ममता ने उन अधिकारियों को पार्टी कार्यकर्ता बना दिया.
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I-PAC Raid Case: ममता बनर्जी को जेल में बंद करना चाहिए – केंद्रीय मंत्री
गिरिराज सिंह ने कहा कि जनवरी में कोयला घोटाला केस में कोलकाता में आई-पैक के कार्यालय और इसके निदेशक प्रतीक जैन के घर पर ईडी की छापेमारी (I-PAC Raid Case) हुई. केंद्रीय मंत्री ने कहा कि ईडी ने जिसके घर में छापेमारी की, वहां से ममता बनर्जी सबूत लेकर भाग गयीं. उन्हें जेल में बंद किया जाना चाहिए. वह समझ गयी हैं कि वह हार जायेंगी. इसलिए वह नाटक कर रही हैं.
काली शॉल ओढ़कर चुनाव आयोग से मिलीं ममता बनर्जी
ममता बनर्जी ने विरोध स्वरूप काली शॉल ओढ़कर सोमवार को पार्टी के नेताओं और कथित तौर पर एसआईआर से प्रभावित परिवारों के साथ यहां मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार से मुलाकात की थी. ममता बनर्जी ने चुनाव आयुक्त को अहंकारी बताया. साथ ही आरोप लगाया कि निर्वाचन आयोग ने उनके प्रतिनिधिमंडल का ‘अपमान’ किया.
सुप्रीम कोर्ट में बंगाल सरकार ने दाखिल किये हलफनामे
इधर, सुप्रीम कोर्ट ने ईडी की उस याचिका पर सुनवाई 10 फरवरी तक टाल दी, जिसमें आरोप लगाया गया है कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी समेत पश्चिम बंगाल सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों ने कोयला चोरी केस में आई-पैक के कार्यालय और उसके निदेशक के घर में सर्च ऑपरेशन को बाधित किया. जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा और जस्टिस एनवी अंजारिया की पीठ में सुनवाई होनी थी. इससे पहले ईडी के वकील सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि बंगाल सरकार ने हलफनामे दाखिल किये हैं और समय मांगा है.
15 जनवरी को कोर्ट ने कहा था- सीएम की हरकत ‘बहुत गंभीर’ विषय
सुप्रीम कोर्ट ने 15 जनवरी को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री की हरकत को ‘बहुत गंभीर’ विषय बताया था. कोर्ट ने इस बात की जांच करने पर सहमति जतायी थी कि क्या किसी राज्य की पुलिस किसी गंभीर अपराध में केंद्रीय एजेंसी की जांच में हस्तक्षेप कर सकती हैं. उसने 8 जनवरी को आई-पैक में छापेमारी करने वाली एजेंसी के अफसरों के खिलाफ किसी भी कार्रवाई पर रोक लगा दी थी.
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