हुमायूं ने बढ़ायी अपनी सुरक्षा तैनात किये आठ निजी गार्ड भी

ये सुरक्षाकर्मी एआइएमआइएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के राज्य की एक निजी सुरक्षा कंपनी से जुड़े बताये जा रहे हैं.

कोलकाता. बाबरी मस्जिद निर्माण के मुद्दे पर तृणमूल कांग्रेस से निलंबित विधायक हुमायूं कबीर एक बार फिर सुर्खियों में हैं. मस्जिद निर्माण की जमीन पर जारी विवाद और लगातार मिल रहीं कथित धमकियों के चलते विधायक ने हैदराबाद से आठ निजी सुरक्षाकर्मी बुलाये हैं. ये सुरक्षाकर्मी एआइएमआइएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के राज्य की एक निजी सुरक्षा कंपनी से जुड़े बताये जा रहे हैं. हुमायूं कबीर ने बुधवार से इन सुरक्षाकर्मियों को अपनी सुरक्षा में रख लिया. उन्होंने कहा : मुझे लगातार जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं. लेकिन, मैं साफ कह देना चाहता हूं कि चाहे कुछ भी हो जाये, मस्जिद बना कर ही रहूंगा. विधायक ने दावा किया है कि राज्य सरकार ने अभी तक उनकी सुरक्षा वापस नहीं ली है. जिन तीन पुलिसकर्मियों को सुरक्षा के लिए तैनात किया गया था, वे अब भी मौजूद हैं. इसके बावजूद उन्होंने अतिरिक्त सुरक्षा प्राइवेट एजेंसी के माध्यम से ले ली है. उन्होंने कहा कि परिवार और रिश्तेदारों के पास लाइसेंसधारी हथियार हैं, लेकिन नियमों के कारण उनका इस्तेमाल व्यक्तिगत सुरक्षा के लिए नहीं किया जा सकता था, इसलिए उन्होंने हैदराबाद स्थित पावर सिक्योरिटी सर्विसेज से सुरक्षाकर्मियों को बुलाया है.

कबीर इन दिनों बाबरी मस्जिद निर्माण परियोजना पर लगातार सक्रिय हैं. हालांकि 30 बीघा जमीन जुटाने में उन्हें भारी दिक्कतें आ रही हैं. पहले उन्होंने बेलडांगा में शिलान्यास करने की घोषणा की थी, लेकिन पर्याप्त जमीन न मिलने के कारण अंततः रेजिनगर थाना क्षेत्र में महज तीन कट्ठा जमीन पर प्रतीकात्मक शिलान्यास करना पड़ा. मस्जिद निर्माण के ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष मोइनुल हक उर्फ राना ने दावा किया है कि लगभग 25 बीघा जमीन की पहचान हो चुकी है और कई जमीनदाता स्वेच्छा से जमीन देने के लिए आगे आये हैं, कुछ तो मुफ्त में भी. लेकिन एक साथ 30 बीघा जमीन मिलना कठिन साबित हो रहा है. उन्होंने कहा कि बेलडांगा से लेकर रेजिनगर क्षेत्र के बीच जमीन मालिकों से बातचीत काफी आगे पहुंच चुकी है. कबीर का कहना है कि जमीन को लेकर वे अभी किसी भी तरह का खुलासा नहीं करेंगे. उन्होंने कहा : मस्जिद जमीन पर ही बनेगी, आसमान में तो नहीं. फरवरी के पहले सप्ताह से निर्माण शुरू कर दूंगा. तब सबको पता चल जायेगा कि जमीन कहां है. उससे पहले मैं कुछ नहीं बताऊंगा.

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Author: GANESH MAHTO

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