कोलकाता : कलकत्ता हाइकोर्ट ने सोमवार को विद्यालय शिक्षा आयुक्त (सीएसइ) को निर्देश दिया कि वह पता लगायें कि कोलकाता और हावड़ा में कितने निजी स्कूल बिना मान्यता एवं संबद्धता के निजी जगहों से संचालित किये जा रहे हैं. यह आदेश हावड़ा के ‘तौहीद इंटरनेशनल स्कूल एंड वेलफेयर ट्रस्ट’ की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया गया. अधिकारियों ने असुरक्षित हालात में स्कूल संचालित किये जाने के आरोप में इसे बंद कर दिया था.
अगली सुनवाई 14 सितंबर को
न्यायमूर्ति अमृता सिन्हा ने सीएसइ को निर्देश दिया कि वह दोनों शहरों में जांच करें कि कितने निजी विद्यालय बिना संबद्धता और मान्यता के निजी जगहों से संचालित किये जा रहे हैं, जबकि उन्होंने जिला विद्यालय निरीक्षक से अनापत्ति प्रमाण-पत्र ले रखा है. न्यायमूर्ति सिन्हा ने निर्देश दिया कि रिपोर्ट 10 सितंबर तक मामले से जुड़े पक्षों को सौंप दी जाये. मामले की अगली सुनवाई 14 सितंबर को होगी.
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देनी होगी निजी पक्षों से हुए संवाद की प्रतियां
अदालत ने राज्य के संबंधित पक्षों को एक रिपोर्ट दाखिल करने का भी निर्देश दिया. इस रिपोर्ट की पुष्टि पश्चिम बंगाल के अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवा विभाग के उप सचिव द्वारा की जानी थी. रिपोर्ट में विस्तार से बताया जाना है कि इस मामले में सरकारी संचार की प्रतियां निजी पक्षों को किस तरह भेजी गयी थीं. उप सचिव को यह बताने का भी निर्देश दिया गया कि फाइल में मौजूद सरकारी नोटिंग उस आवेदक तक कैसे पहुंची, जो कार्यवाही में एक अतिरिक्त पक्ष के तौर पर शामिल होना चाहता था.
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