हुगली में बाढ़ पर उच्चस्तरीय बैठक, चार कैबिनेट मंत्री रहे मौजूद

जिले के पुरसुरा-2 ब्लॉक कार्यालय में बुधवार को बाढ़ की गंभीर स्थिति को लेकर एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गयी.

16,000 हेक्टेयर जमीन जलमग्न, खानकुल-पुरसुरा सबसे ज्यादा प्रभावित

प्रतिनिधि, हुगली.

जिले के पुरसुरा-2 ब्लॉक कार्यालय में बुधवार को बाढ़ की गंभीर स्थिति को लेकर एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गयी. बैठक में राज्य सरकार के चार कैबिनेट मंत्री, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे.

बैठक में राज्य के सिंचाई मंत्री डॉ मानस भुइयां, शहरी विकास मंत्री फिरहाद हकीम, राज्य मंत्री बेचाराम मन्ना और राज्य मंत्री स्नेहाशीष चक्रवर्ती शामिल हुए. इस मौके पर जिलाधिकारी डॉ मुक्ता आर्य, जिला परिषद सभाधिपति रंजन धारा, चंदननगर के एसडीओ विष्णु दास, चुंचुड़ा की एसडीओ स्मिता सान्याल शुक्ला, श्रीरामपुर के एसडीओ शंभूदीप सरकार, आरामबाग के एसडीओ रवि कुमार सिंह सहित कई बीडीओ, विधायक और संबंधित विभागों के अधिकारी भी मौजूद थे.

बैठक में बताया गया कि जिले में अब तक लगभग 16,000 हेक्टेयर भूमि बाढ़ से प्रभावित हो चुकी है, जिससे बड़े पैमाने पर फसलों का नुकसान हुआ है. इसके लिए डीसी बांध से अतिरिक्त जल छोड़े जाने और हालिया भारी वर्षा को जिम्मेदार ठहराया गया. जानकारों के अनुसार, दक्षिण बंगाल में पिछले 35 वर्षों में इतनी अधिक बारिश नहीं हुई थी. इस बार सामान्य से 35% अधिक वर्षा दर्ज की गयी है. खानकुल और पुरसुरा ब्लॉक सबसे अधिक प्रभावित हैं, जहां खेत, सड़कें और गांव जलमग्न हो चुके हैं. राहत और बचाव कार्यों को तेजी से अंजाम दिया जा रहा है.

बांधों और जलनिकासी पर विशेष निगरानी : बैठक में सभी एसडीओ और बीडीओ को जलनिकासी और बांधों की स्थिति पर सतत निगरानी रखने के निर्देश दिये गये. विशेष रूप से डकैतिया खाल को लेकर अगले सप्ताह एक अलग बैठक आयोजित की जायेगी. बताया गया कि जंगीपाड़ा इलाके में कुछ स्थानों पर अवैध कब्जे हैं, जिन्हें शीघ्र हटाया जायेगा.

जलनिकासी की मैप आधारित समीक्षा : प्रशासन ने निर्णय लिया है कि जिले भर में जलनिकासी व्यवस्था की मैप आधारित जांच की जायेगी. कहीं अतिक्रमण पाये जाने पर त्वरित कार्रवाई कर कब्जा हटाया जायेगा, ताकि भविष्य में जलजमाव से बचा जा सके.

सभी विभागों में समन्वय की अपील

बैठक में सिंचाई, बिजली, स्वास्थ्य और पुलिस विभाग के अधिकारियों ने बाढ़ से निपटने के लिए समन्वय से काम करने की प्रतिबद्धता जतायी. सिंचाई मंत्री डॉ मानस भुइयां ने कहा कि सरकार हर आपदा को गंभीरता से ले रही है. बाढ़ जैसी स्थिति में आम जनता को राहत पहुंचाना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है. सभी विभागों को एकजुट होकर काम करने का निर्देश दिया गया है. वहीं, हुगली जिला प्रशासन के अनुसार, स्थिति की निरंतर निगरानी की जा रही है और जमीनी स्तर पर राहत कार्यों को और प्रभावी बनाने के लिए कई कदम उठाए जा रहे हैं.

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