बंगाल में यूसीसी मसौदे की समीक्षा के लिए बनी 9 सदस्यीय हाई लेवल कमेटी, जानें किनको बनाया गया सदस्य

WB UCC Draft Committee: पश्चिम बंगाल सरकार ने राज्य में समान नागरिक संहिता (UCC) के मसौदे की जांच और समीक्षा के लिए उच्चतम न्यायालय की सेवानिवृत्त न्यायाधीश रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया है. जानिए इस समिति के सदस्यों के बारे में और क्या है कानून का उद्देश्य.

WB UCC Draft Committee: पश्चिम बंगाल सरकार ने राज्य में समान नागरिक संहिता (UCC) के मसौदा विधेयक की गहन जांच और समीक्षा करने के लिए उच्चस्तरीय समिति का गठन किया है. समिति की अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट की रिटायर्ड जज जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई करेंगी. राज्य सरकार द्वारा जारी आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार, इस प्रस्तावित कानून के व्यापक सामाजिक-विधिक असर और विशाल स्वरूप को देखते हुए यह महत्वपूर्ण फैसला लिया गया है.

2 जुलाई को कैबिनेट की बैठक में लिया गया था फैसला

पश्चिम बंगाल सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने शनिवार को बताया कि समिति का गठन 2 जुलाई को आयोजित राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में लिये गये फैसले के आधार पर किया गया है. यह समिति प्रस्तावित विधेयक का विस्तार से अध्ययन करेगी और अपनी सिफारिशें राज्य सरकार को सौंपेगी. इसके बाद ही विधेयक को अंतिम रूप देकर आगे की विधायी प्रक्रिया शुरू की जायेगी.

संविधान के अनुच्छेद 44 के तहत की गयी पहल

सरकार ने अधिसूचना में स्पष्ट किया है कि यह पहल भारतीय संविधान के अनुच्छेद 44 के तहत राज्य के नीति निर्देशक तत्वों को ध्यान में रखते हुए की गयी है, जो नागरिकों के लिए एक समान नागरिक संहिता सुनिश्चित करने का निर्देश देता है. प्रस्तावित कानून का मुख्य उद्देश्य धर्म, आस्था या समुदाय से परे जाकर शादी, तलाक, विरासत, वसीयत और गोद लेने जैसे व्यक्तिगत दीवानी मामलों को नियंत्रित करने के लिए एक समान कानूनी ढांचा तैयार करना है.

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समिति में शामिल प्रमुख हस्तियां

9 सदस्यीय समिति में अध्यक्ष न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) रंजना प्रकाश देसाई के अलावा जिन प्रमुख विशेषज्ञों को शामिल किया है, उनके नाम इस प्रकार हैं.

  1. मेघालय के पूर्व राज्यपाल तथागत रॉय
  2. पूर्व आईएएस अधिकारी शत्रुघ्न सिंह
  3. स्थानिक आयुक्त दुष्यंत नरियाला
  4. गृह व पर्वतीय मामलों की प्रधान सचिव संघमित्रा घोष
  5. शिक्षाविद् डॉ रत्ना भट्टाचार्य
  6. गौर बंग विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति गोपालचंद्र मिश्रा
  7. अधिवक्ता उस्मान गनी मल्लिक
  8. निर्माल्य भट्टाचार्य

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यूसीसी लागू करने वाला चौथा राज्य बनेगा बंगाल

वर्ष 2014 के बाद से उत्तराखंड, गुजरात और असम तीन राज्यों ने यूसीसी को अपनाया है. यदि यह विधेयक कानून बनता है, तो पश्चिम बंगाल ऐसा करने वाला देश का चौथा राज्य बन जायेगा. पश्चिम बंगाल के यूसीसी विधेयक का प्रारूप काफी हद तक उत्तराखंड और असम के जैसा ही है. वर्ष 2026 के बंगाल विधानसभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी ने अपने घोषणापत्र में यूसीसी लागू करने का वादा किया था.


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By Mithilesh Jha

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