माइक्रो ऑब्जर्वर के रूप में तैनात इन अिधकारियों को मिलेंगे 30 हजार रुपये
संवाददाता, कोलकाताराज्य में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) की प्रक्रिया के पहले चरण के बाद अब सुनवाई होगी और इस दौरान केंद्र सरकार के अधिकारी भी मौजूद रहेंगे. चुनाव आयोग ने शुक्रवार को यह निर्देश जारी किया. केंद्रीय अधिकारियों को अलग-अलग सुनवाई सेंटर पर माइक्रो ऑब्जर्वर के तौर पर नियुक्त किया जायेगा. यह जिम्मेदारी मुख्य रूप से केंद्र के ग्रुप बी या उससे उच्च अधिकारियों को सौंपी जायेगी.गत 12 दिसंबर को सीईओ कार्यालय ने आयोग को माइक्रो ऑब्जर्वर नियुक्त करने के लिए पत्र लिखा था. उसका जवाब शुक्रवार को मिला. आयोग ने केंद्र सरकार के अलग-अलग संस्थानों से माइक्रो ऑब्जर्वर नियुक्त करने की इजाजत दे दी है. इसमें सरकारी बैंक के अधिकारियों को भी नियुक्त किया जा सकता है. सुनवाई की निगरानी के लिए माइक्रो ऑब्जर्वर को 30 हजार रुपये मानदेय मिलेगा. क्या होगी जिम्मेदारी : माइक्रो ऑब्जर्वर का काम मुख्य रूप से एसआइआर की सुनवाई के दौरान रिटर्निंग ऑफिसर (ईआरओ) और असिस्टेंट रिटर्निंग ऑफिसर (एईआरओ) के काम की निगरानी करना होगा. वे राज्य के सीईओ के अंडर काम करेंगे. सीईओ कार्यालय से उन्हें ट्रेनिंग दी जायेगी. माइक्रो ऑब्जर्वर वोटरों के गणना फॉर्म, जन्म व मृत्यु के सर्टिफिकेट और सुनवाई के लिए आये वोटरों के दस्तावेजों की जांच करेंगे. राज्य में एसआइआर के पहले चरण में 58,20,899 मतदाताओं के नाम हटे हैं. इनमें 24,16,852 मृत मतदाता हैं. इसके अलावा 30 लाख से ज्यादा वोटरों को नो मैपिंग की लिस्ट में रखा गया है. ये मतदाता 2002 की वोटर लिस्ट से अपना संबंध नहीं दिखा पाये हैं. इन सभी को भी सुनवाई के लिए बुलाया जायेगा.
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