ममता ने कहा. दुर्गापुर में सामूहिक दुष्कर्म की घटना स्तब्ध करने वाली, बख्शे नहीं जायेंगे दोषी
संवाददाता, कोलकातामुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने रविवार को कहा कि छात्रावास की छात्राओं, खासतौर पर राज्य के बाहर की छात्राओं को छात्रावास के नियमों का पालन करना चाहिए और देर रात बाहर नहीं निकलना चाहिए. ममता ने यह बयान दुर्गापुर स्थित एक निजी मेडिकल कॉलेज की छात्रा के साथ शुक्रवार रात सामूहिक बलात्कार की कथित घटना के बाद दिया. सीएम ने राहत व पुनर्वास कार्यों की समीक्षा के लिए प्राकृतिक आपदा प्रभावित उत्तर बंगाल रवाना होने से पहले नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पत्रकारों से ये बात कहीं. हालांकि, अपने बयान की आलोचना होने के बाद उत्तर बंगाल पहुंचीं मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि एयरपोर्ट पर उन्होंने जो बात कही थी, उसकी गलत व्याख्या की गयी. मेरे साथ इस तरह की राजनीति नहीं करें. गौरतलब है कि पीड़िता ओडिशा की रहने वाली है और घटना तब हुई, जब वह अपने एक मित्र के साथ रात्रि भोज के लिए बाहर गयी थी. ममता ने कहा कि पीड़िता जिस संस्थान की छात्रा है, वह भी घटना के लिए जिम्मेदार है. उन्होंने कहा : निजी कॉलेजों को अपने परिसरों के भीतर व आसपास सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए. उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि वह छात्रा उस रात अपनी सहपाठी के साथ शैक्षणिक संस्थान से कैसे बाहर निकली. उन्होंने पूछा : पीड़िता एक निजी मेडिकल कॉलेज में पढ़ती है, तो जिम्मेदार कौन है? वह रात के 12:30 बजे कैंपस छोड़ कर जंगल से सटे इलाके में कैसे गयी? पुलिस हर व्यक्ति की आवाजाही पर नजर नहीं रख सकती. मुख्यमंत्री ने मेडिकल छात्रा के साथ सामूहिक बलात्कार की घटना को स्तब्धकारी करार दिया. उन्होंने कहा कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जायेगा.उन्होंने कहा : बंगाल सरकार अपराध के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाती है. अलग-अलग राज्यों से बच्चे यहां पढ़ने आते हैं. मैं उनसे अनुरोध करूंगी कि वे रात में बाहर न जायें. गैंगरेप की शिकार मेडिकल छात्रा ओडिशा के जलेश्वर की रहनेवाली है. मुख्यमंत्री ने आज कानून-व्यवस्था के संदर्भ में भाजपा शासित राज्य का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा : तीन सप्ताह पहले ओडिशा में समुद्र तट पर तीन लड़कियों के साथ बलात्कार हुआ था. लेकिन ओडिशा सरकार ने उस पर क्या कार्रवाई की? बंगाल में ऐसी घटनाओं को बहुत गंभीरता से लिया जाता है. गौरतलब है कि छात्राओं के रात में बाहर जाने पर ममता की टिप्पणी को लेकर सरगर्मी तेज हो गयी. राष्ट्रीय महिला आयोग की सदस्य अर्चना मजूमदार ने कहा : हम हमेशा से लड़कियों के समान अधिकारों के लिए लड़ते रहे हैं. हम यह कभी नहीं कह सकते कि लड़कियां शाम के बाद घर के अंदर रहेंगी. वह काम नहीं करेंगी. आज आइटी सेक्टर और मेडिकल जैसे कई व्यवसायों से जुड़ीं लड़कियां समय की पाबंदी के हिसाब से काम नहीं करतीं. मुख्यमंत्री जो बात कह रही हैं, वह सही नहीं है.
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