कोलकाता.
विधाननगर दक्षिण थाने की पुलिस ने ड्रॉप बॉक्स से चेक निकालकर फर्जीवाड़ा कर लोगों के पैसे उड़ाने के मामले में मूल आरोपी समेत चार जालसाजों को गिरफ्तार किया है. पुलिस के अनुसार, मुख्य आरोपी का नाम अरिंदम मित्रा है, जो एक बैंक में एजेंट के तौर पर काम करता था. जानकारी के मुताबिक, सॉल्टलेक के एचए ब्लॉक निवासी एक महिला विधाननगर दक्षिण थाना क्षेत्र के एक बैंक में किसी योजना के लिए गयी थी. बैंक अधिकारी से बातचीत के बाद उसने 10 लाख रुपये का चेक बैंक के ड्रॉप बॉक्स में डाल दिया और चली गयी. बाद में दोपहर करीब तीन बजे महिला को एक मेल मिला, जिसमें बताया गया कि बेनिफिशियरी अरिंदम मित्रा है और राशि उसके खाते में चली गयी है. इसके बाद महिला ने बैंक से संपर्क किया, जहां पता चला कि रुपये आरटीजीएस के जरिये ट्रांसफर किये गये हैं. जांच में सामने आया कि चेक पर हस्ताक्षर की नकल कर सीनियर सिटीजन स्कीम के बजाय आरटीजीएस किया गया. इसके लिए वाउचर स्लिप पर भी नकली हस्ताक्षर किये गये और रकम दूसरे खाते में ट्रांसफर कर दी गयी. शिकायत मिलते ही पुलिस तुरंत बैंक पहुंची और सीसीटीवी फुटेज की जांच की. फुटेज के आधार पर चार लोगों की पहचान की गयी. इसके बाद कोलकाता और आसपास के इलाकों से अरिंदम मित्रा समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया.पुलिस पूछताछ में खुलासा हुआ कि यह गिरोह शहर के विभिन्न बैंकों में इसी तरह ड्रॉप बॉक्स से चेक निकालता था, फिर उन पर ओवरराइटिंग कर हस्ताक्षर की नकल, मोबाइल नंबर बदलकर चेक को अपने नाम कर आरटीजीएस के जरिये रकम अपने खातों में ट्रांसफर कर लेता था. पुलिस के अनुसार, मूल आरोपी अरिंदम मित्रा को बैंकिंग प्रक्रियाओं की अच्छी जानकारी थी और उसी का फायदा उठाकर वह इस धोखाधड़ी के रैकेट को चला रहा था.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
