चुनाव हारने के भय से लोकतांत्रिक और संवैधानिक मर्यादाओं को तोड़ रही भाजपा

तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने रविवार को भाजपा पर बंगाल विरोधी और नारी-विरोधी राजनीति करने का आरोप लगाया.

संवाददाता, कोलकाता

तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने रविवार को भाजपा पर बंगाल विरोधी और नारी-विरोधी राजनीति करने का आरोप लगाया. उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट करके कहा कि भाजपा चुनाव जीतने में असफल रहने के डर से अब लोकतांत्रिक और संवैधानिक मर्यादाओं को तोड़ रही है. श्री बनर्जी ने अपने बयान में कहा कि भाजपा ने एक सुनियोजित ‘बंगाल-विरोधी टूलकिट’ तैयार किया है. उनके अनुसार, पहले चरण में चुनाव आयोग को प्रभावित कर एसआइआर के जरिये बड़े पैमाने पर वैध मतदाताओं के नाम हटाने की कोशिश की गयी. जब इसका विरोध हुआ और योजना विफल हुई, तब तथाकथित लॉजिकल डिस्क्रिपेंसी के नाम पर जबरन नाम काटने का प्रयास किया गया. उन्होंने आरोप लगाया कि जब यह चाल भी काम नहीं आयी, तब भाजपा नेताओं ने सामंती और पितृसत्तात्मक सोच का परिचय देते हुए लक्खी भंडार योजना से सशक्त हुईं महिलाओं को घर में बंद रखने जैसी अपमानजनक बातें कहीं. महिलाओं को वोट देने से रोकने की धमकी देना, सीधे तौर पर लोकतंत्र पर हमला है.

तृणमूल कांग्रेस नेता ने याद दिलाया कि भाजपा पहले ही लक्खी भंडार योजना को सत्ता में आने पर बंद करने की धमकी दे चुकी है और इस योजना को भिक्षा तक कहा गया. अभिषेक बनर्जी ने स्पष्ट किया कि वर्ष 2026 के विधानसभा चुनाव में बंगाल की वही महिलाएं, जिन्हें डराने और दबाने की कोशिश की जा रही है, लाखों की संख्या में मतदान केंद्रों तक जायेंगी और भाजपा की प्रतिगामी राजनीति को लोकतांत्रिक तरीके से जवाब देंगी. उन्होंने विश्वास जताया कि 2026 में एक बार फिर बंगाल जीतेगा और जनता नारी-विरोधी व बंगाल-विरोधी राजनीति को खारिज करेगी.

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Published by: Akhilesh kumar singh

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