चुनाव ड्यूटी वालों की मौज! निर्वाचन आयोग ने बढ़ाया मानदेय, टिफिन भत्ते में 300% का उछाल, देखें, अब किसे कितना मिलेगा

Election Duty Honorarium Hike: निर्वाचन आयोग ने मतदान कर्मियों, पीठासीन अधिकारियों और CAPF जवानों के मानदेय में भारी वृद्धि की है. अब किस स्तर के अधिकारी को कितने पैसे मिलेंगे, उसकी पूरी लिस्ट यहां देखें.

Election Duty Honorarium Hike: पश्चिम बंगाल सहित 4 राज्यों और एक केंद्रशासित प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव 2026 से पहले निर्वाचन आयोग ने चुनाव कर्मियों को बड़ा तोहफा दिया है. आयोग ने पीठासीन अधिकारियों (Presiding Officers), मतदान कर्मियों, सुरक्षा बलों और मतगणना से जुड़े कर्मचारियों के मानदेय (Honorarium) में बढ़ोतरी की है. बुधवार को एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि लंबे समय तक कठिन परिस्थितियों में काम करने वाले कर्मचारियों को प्रोत्साहित करने के लिए भत्तों के ढांचे में यह बदलाव किया गया है.

पीठासीन और मतदान अधिकारियों के भत्ते में इजाफा

चुनाव के दौरान बूथ की जिम्मेदारी संभालने वाले अधिकारियों के दैनिक भत्ते में बड़ी वृद्धि की गयी है. किस स्तर के अधिकारी को पहले कितने पैसे मिलते थे और अब कितने पैसे मिलेंगे, उसका पूरा विवरण यहां देखें.

  • पीठासीन अधिकारी : अब इन्हें 350 रुपए की बजाय 500 रुपए प्रतिदिन मिलेंगे (कुल 2,000 रुपए).
  • मतदान अधिकारी : पहले मिलने वाले 250 रुपए की जगह अब 400 रुपए प्रतिदिन (कुल 1,600 रुपए) दिये जायेंगे.
  • चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी : मतदान केंद्रों पर तैनात इन कर्मियों का भत्ता 200 रुपए से बढ़ाकर 350 रुपए प्रतिदिन (कुल 1,400 रुपए) कर दिया गया है.

बंगाल की खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

टिफिन भत्ते में 300 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़ोतरी

चुनाव ड्यूटी पर तैनात कर्मियों के खाने-पीने की सुविधा को ध्यान में रखते हुए टिफिन भत्ते में बम्पर इजाफा हुआ है. मतदान कर्मियों, पुलिस बल और होम गार्ड्स के लिए दैनिक टिफिन भत्ता 150 रुपए से बढ़ाकर सीधे 500 रुपए प्रतिदिन कर दिया गया है.

मतगणना और कॉल सेंटर कर्मियों को भी मिलेगा लाभ

वोटों की गिनती और कंट्रोल रूम में तैनात कर्मचारियों के लिए भी नयी दरें लागू की गयीं हैं, जो इस प्रकार हैं.

  • गणना सहायक : इनका भत्ता 250 रुपए से बढ़ाकर 450 रुपए कर दिया गया है.
  • कॉल सेंटर/कंट्रोल रूम : इस श्रेणी के कर्मियों को अब 200 रुपए प्रतिदिन की बजाय एकमुश्त 1,000 रुपए भत्ता मिलेगा.
  • पर्यवेक्षक (Observers): इन्हें अब 1,000 रुपए की जगह 2,000 रुपए का एकमुश्त भुगतान किया जायेगा.

मानदेय ढांचे में इस संशोधन का मुख्य उद्देश्य चुनावों के दौरान कठिन परिस्थितियों और लंबे समय तक काम करने वाले कर्मचारियों को पर्याप्त पारिश्रमिक सुनिश्चित करना है. यह उन्हें चुनाव प्रक्रिया को सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए प्रोत्साहित करेगा.

निर्वाचन आयोग

CAPF और पुलिस अधिकारियों के लिए खास प्रावधान

सुरक्षा व्यवस्था में लगे केंद्रीय बलों (CAPF) और पुलिस अधिकारियों के मानदेय में भी संशोधन किया गया है, जो इस प्रकार है.

  • CAPF के गजेटेड ऑफिसर : 15 दिन की ड्यूटी के लिए अब 2,500 की जगह 4,000 रुपए मिलेंगे. 15 दिन से अधिक होने पर 2,000 रुपए प्रति सप्ताह का अतिरिक्त भुगतान किया जायेगा.
  • इंस्पेक्टर और सब-इंस्पेक्टर : इन्हें 15 दिनों की ड्यूटी के लिए 3,000 रुपए और अतिरिक्त अवधि के लिए 1,500 रुपए प्रति सप्ताह दिये जायेंगे.
  • वरिष्ठ अधिकारी : उप जिला निर्वाचन अधिकारियों (DDEO) को अब कम से कम एक महीने का मूल वेतन मानदेय के रूप में मिलेगा.

इसे भी पढ़ें

बंगाल में इलेक्शन कमीशन की चौतरफा घेराबंदी, 4000 टीमों का पहरा, 3.5 लाख केस दर्ज, 181 करोड़ की जब्ती

बंगाल चुनाव 2026: यह लोकतंत्र का पर्व नहीं, अंतिम यात्रा है, SIR पर बरसे शुभंकर सरकार, चुनाव आयोग को लिखी चिट्ठी

चुनाव से पहले 50 अफसरों के ट्रांसफर से बौखलायीं ममता बनर्जी, चुनाव आयोग पर बोला हमला

बंगाल चुनाव 2026: सीमाओं पर ‘नो एंट्री’, चुनाव आयोग ने ली 5 राज्यों के अफसरों की महाबैठक

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 30 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >