‘स्वास्थ्य साथी’ के खर्च में वृद्धि की जांच कर रही सरकार : ममता

आरजी कर मेडिकल कॉलेज व अस्पताल में जूनियर महिला डॉक्टर से दुष्कर्म व हत्या की घटना के बाद महानगर समेत राज्य भर के जूनियर डॉक्टर हड़ताल पर थे. जूनियर डॉक्टरों के इस आंदोलन की वजह से राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था बुरी तरह से प्रभावित हुई थी. ऐसे में आरजी कर कांड के विरोध में जब जूनियर डॉक्टर हड़ताल पर थे, उसी समय राज्य सरकार की स्वास्थ्य साथी योजना के तहत खर्च बढ़ गया था. आरोप है कि डॉक्टर सरकारी अस्पतालों में काम नहीं करने के बावजूद निजी अस्पतालों में प्रैक्टिस करते थे.

कोलकाता.

आरजी कर मेडिकल कॉलेज व अस्पताल में जूनियर महिला डॉक्टर से दुष्कर्म व हत्या की घटना के बाद महानगर समेत राज्य भर के जूनियर डॉक्टर हड़ताल पर थे. जूनियर डॉक्टरों के इस आंदोलन की वजह से राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था बुरी तरह से प्रभावित हुई थी. ऐसे में आरजी कर कांड के विरोध में जब जूनियर डॉक्टर हड़ताल पर थे, उसी समय राज्य सरकार की स्वास्थ्य साथी योजना के तहत खर्च बढ़ गया था. आरोप है कि डॉक्टर सरकारी अस्पतालों में काम नहीं करने के बावजूद निजी अस्पतालों में प्रैक्टिस करते थे. इस वजह से प्रदर्शन के दौरान ‘स्वास्थ्य साथी’ योजना के तहत खर्च में बढ़ोतरी हुई. अब सरकार इस मामले की जांच कर रही है कि स्वास्थ्य साथी योजना के खर्च में कैसे बढ़ोतरी हुई.

गुरुवार को विधानसभा में सीएम ममता बनर्जी ने प्रश्न-उत्तर काल के दौरान एक सवाल के जवाब में कहा : आरजी कर की घटना को लेकर हुए प्रदर्शन के दौरान ‘स्वास्थ्य साथी’ योजना के तहत खर्च में भारी वृद्धि हुई थी. हम जांच कर रहे हैं. दोषियों को सजा दी जायेगी.

ज्ञात हो कि, सरकार को एक सर्वेक्षण से पता चला है कि पीड़िता के लिए न्याय की मांग को लेकर जूनियर डॉक्टरों के प्रदर्शन के दौरान निजी अस्पतालों में ‘स्वास्थ्य साथी’ योजना के तहत मरीजों के इलाज पर राज्य के खर्च में उल्लेखनीय वृद्धि हुई थी.

आठ करोड़ 72 हजार लोग स्वास्थ्य साथी योजना का उठा रहे लाभ

सदन में एक सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने बकाया कि राज्य में करीब आठ करोड़ 72 हजार लोग स्वास्थ्य साथी योजना का लाभ उठा रहे हैं. वहीं, वित्त व स्वास्थ्य राज्य मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य ने एक सवाल के जवाब में बताया कि, वित्त वर्ष 2023-24 में कुल 21 लाख 27 हजार 249 लोग स्वास्थ्य साथी परियोजना से लाभान्वित हुए हैं. इसके लिए सरकार को दो हजार, छह सौ, 84 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं. वहीं, 31 अक्तूबर 2024 तक सरकार को 80 लाख 24 हजार 886 लोग लाभान्वित हुए हुए थे. इसके लिए सरकार को 10 हजार 719 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं. वहीं, एक हालिया सर्वे के मुताबिक, 10 अगस्त से 18 सितंबर के बीच स्वास्थ्य साथी योजना के तहत सरकार को 315 करोड़ रुपये खर्च करने पड़े थे. जो अन्य बार की तुलना में काफी ज्यादा है. राज्य सचिवालय सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, चिकित्सकों के आंदोलन के कारण स्वास्थ्य साथी योजना के तहत सरकार को रोजाना औसतन सात करोड़ 86 लाख रुपये खर्च हुए. बताया जा रहा है कि आंदोलन के कारण राज्य को रोजाना एक करोड़ 13 लाख रुपये का अतिरिक्त भुगतान करना पड़ रहा है. ज्ञात हो कि नौ अगस्त को आरजी कर मेडिकल कॉलेज में एक जूनियर महिला चिकित्सक का शव बरामद हुआ था. जबकि, आंदोलन दुर्गापूजा के बाद समाप्त हुआ था.

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By Prabhat Khabar News Desk

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