हुगली. इस वर्ष जगद्धात्री पूजा के दौरान मौसम ने अप्रत्याशित रूप से रंग बदल दिया है. मोंथा नामक चक्रवात के प्रभाव से चंदननगर और आसपास के क्षेत्रों में बुधवार सुबह से ही तेज हवा और बारिश का दौर जारी है. बुजुर्ग श्रद्धालुओं का कहना है कि दुर्गापूजा पर बारिश तो कई बार हुई, लेकिन जगद्धात्री पूजा के दौरान तूफान और मूसलाधार वर्षा पहली बार देखने को मिली है. तेज हवाओं के कारण बुधवार दोपहर चंदननगर हाटखोला के पास नोनातला बारवारी का एक इलेक्ट्रिक सजावट गेट गिर पड़ा. इस घटना के बाद क्षेत्र की अन्य पूजा समितियां सतर्क हो गयीं और एहतियात के तौर पर अपने-अपने ऊंचे लाइट गेटों को खोलने या हटाने का निर्णय लिया. प्रशासन ने भी सुरक्षा को लेकर चेतावनी जारी की है. नगर निगम और पुलिस के संयुक्त दल शहर के विभिन्न हिस्सों में गश्त कर रहे हैं, ताकि किसी प्रकार की दुर्घटना से बचा जा सके. फिलहाल किसी बड़े हादसे की सूचना नहीं है, लेकिन मौसम के कारण पूजा की रौनक पर स्पष्ट असर पड़ा है.
बारिश से व्यापारियों को नुकसान
अष्टमी के अवसर पर जहां हर साल श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती थी, इस बार बारिश के कारण भीड़ अपेक्षाकृत कम रही. मेले में दुकान लगाने वाले छोटे व्यापारियों और फेरीवालों की बिक्री बुरी तरह प्रभावित हुई है. कई दुकानों में ग्राहक न आने से कारोबार लगभग ठप हो गया है.भक्ति में नहीं आयी कमी
हालांकि मौसम की मार के बावजूद भक्तों का उत्साह पूरी तरह कम नहीं हुआ है. श्रद्धालु छाता और बरसाती लेकर प्रतिमाओं का दर्शन कर रहे हैं. पूजा समितियों का कहना है कि चक्रवात भले ही रोशनी और रौनक को कुछ हद तक मद्धम कर रहा हो, लेकिन श्रद्धा और भक्ति की लौ अब भी वैसी ही प्रज्ज्वलित है.समितियों को उम्मीद है कि जैसे ही मौसम में सुधार होगा, एक नवंबर को होने वाली विसर्जन शोभायात्रा में उत्साह और भीड़ पहले की तरह उमड़ेगी.
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